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1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 13 Jul 2025 01:47:46 PM IST
बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: बिहार के मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर सावन के पावन माह में एक अनोखा और भव्य आस्था का दृश्य देखने को मिला। कोलकाता से आए 30 कांवरियों के जत्थे ने 100 किलो वजन वाली मानव कद की बेल पर सवार भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश की प्रतिमा को कांवड़ बनाकर बाबाधाम की ओर कांवड़ यात्रा शुरू की। यह यात्रा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी।
दरअसल, सावन मास में बाबाधाम में भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों से, साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर मुंगेर होते हुए बाबाधाम पैदल जाते हैं। कांवरियों की इस परंपरा में हर साल नए-नए और अनोखे कांवड़ लेकर आने का भी एक चलन है, जो अन्य कांवरियों के बीच आकर्षण का विषय बन जाता है।
मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर स्थित श्री श्री नंदेश्वर महादेव मंदिर के पास यह भव्य कांवड़ यात्रा देखी गई। कोलकाता के 30 कांवरियों के जत्थे ने भारी मेहनत और श्रद्धा के साथ इस मानव कद की प्रतिमा को कांवड़ पर धारण किया। जत्थे के चार कांवरियों ने बारी-बारी से महादेव, माता पार्वती और गणेश की नंदी बेल पर सवार इस विशाल प्रतिमा को कांवड़ पर रखा और बाबाधाम की ओर बढ़े।
कांवरिया मनीष मिश्रा ने बताया कि वे हर साल सावन में बाबा के जल चढ़ाने आते हैं, लेकिन इस बार कुछ विशेष और यादगार करने के लिए उन्होंने इस 100 किलो वजनी मानव कद की प्रतिमा को कांवड़ के रूप में चुना। इस यात्रा में उन्हें आध्यात्मिक आनंद के साथ-साथ आस्था की गहराई का अनुभव होता है।
मुंगेर की यह अनूठी कांवड़ यात्रा न केवल श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती प्रदान करती है। आने वाले वर्षों में भी ऐसी भव्य और भक्तिमय परंपराएं युवाओं को जोड़े रखेंगी और स्थानीय संस्कृति को समृद्ध बनाएंगी।
रिपोर्ट- इम्तियाज खान