बिहार में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, चाकूबाजी में एक व्यक्ति गंभीर घायल Bihar LPG crisis : मोतिहारी में गैस सिलेंडर को लेकर मारपीट, लाइन में पहले लगने पर दो लोग भिड़े; बिहार में चौथे दिन भी गैस संकट क्या एनडीए में भी क्रॉस वोटिंग का डर? 5वीं सीट को लेकर NDA का ‘मास्टर प्लान’, विधायकों को वोटिंग तक पटना नहीं छोड़ने का निर्देश Pawan Singh : Monalisa के बयान से फिर चर्चा में Pawan Singh और Akshara Singh का रिश्ता, भोजपुरी इंडस्ट्री के पुराने विवाद पर खुलासा Bihar News : NEET छात्रा रेप-मौत केस: शंभू गर्ल्स हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत पर आज फैसला, पोक्सो कोर्ट में सुनवाई Bihar Rajya Sabha Election : महागठबंधन के विधायकों में NDA ने लगाई सेंध ! नीतीश के ख़ास नेता का दावा, बोले ... एक या दो नहीं बल्कि 12 विधायक संपर्क में हैं ... Bihar News : बिहार में CBSE के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा, पटना के दो स्कूलों पर FIR ; जानिए क्या है मामला Bihar APAR ID : बिहार में 64 लाख छात्रों ने अभी तक नहीं करवाया यह काम, इन योजनाओं का अब नहीं मिलेगा लाभ LPG Crisis Patna : पटना समेत राज्य में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत, सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के लिए किए अहम फैसले; जानिए क्या है नया नियम Bihar News : बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार की नई व्यवस्था, जमीन के काम नहीं होंगे प्रभावित
13-Aug-2020 11:59 AM
DESK : कुछ दिनों पहले ही रूस ने दावा किया है की उसने कोरोना की वैक्सीन बना ली है. बरहाल इस वैक्सीन के लॉन्च होने से पहले ही कई विवाद खड़े हो गए हैं. रूस के इस दावे पर WHO को भी भरोसा नहीं हो रहा. अब इस दावे में कितनी सच्चाई है ये तो आने वाले वक़्त में पता चलेगा.
फ़िलहाल भारत की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने गिलियड साइंसेज की एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिवीर का सबसे सस्ता जेनेरिक संस्करण लॉन्च किया. Zydus ने इसकी कीमत 2,800 रुपये ($37.44) प्रति 100mg शीशी रखी है.
दुनिया में अभी इस दावा की मांग काफी है क्योंकि कई देशों के अस्पतालों में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान ये बात निकल कर आई है कि रेमडेसिविर कोरोना के लक्षण की अवधि को 15 दिनों से घटाकर 11 दिन कर देता है. इस कारण भी रेमडेसिविर की मांग काफी बढ़ गई है.
हालांकि जैसा की आप जानते हैं कि कोरोना की अभी तक कोई निश्चित दावा नहीं बन पाई है इसलिए डॉक्टर्स मरीजों के लक्षण और परेशानी को ध्यान में रखते हुए अलग अलग दवाओं के साथ प्रभावी उपचार करने की कोशिश करते हैं. यही कारण है कि दिल्ली और भारत के अन्य शहरों में इसकी मांग बढ़ गई है.
इस दावा को सबसे पहले अमेरिका की कंपनी ने इबोला के लिए विकसित किया था. पर अब कंपनी ने इसे भारत की सिप्ला, जुबिलिएंट लाइफ़, हिटेरो ड्रग्स और माइलॉन जैसी कंपनियों को भी दावा बनाने की अनुमति दे दी है.
फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने अपनी संभावित कोविड-19 वैक्सीन ZyCoV-D का इंसानों पर ट्रायल शुरू कर दिया है. कंपनी ने बताया कि पहले चरण में वह देश के विभिन्न हिस्सों में 1000 लोगों को इसके लिए इनरॉल करेगी. कंपनी ने कहा कि इस वैक्सीन का ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है. इस स्टेज में वैक्सीन की सेफ्टी, टॉलेरेबिलिटी (सहनशीलता) और इम्यूनोजेनिसिटी (प्रतिरक्षाजनकता) का आकलन किया जाएगा.