Waqf Bill: वक्फ विधेयक पर संसद की मुहर, कानून बनने से महज एक कदम दूर; यहां जानिए इस विधयेक से किन चीजों में होगा बदलाव Health Benefits Of Black Salt: डायबिटीज कंट्रोल करने से लेकर कब्ज तक में राहत, काला नमक ऐसे रख सकता आपको कई रोगों से दूर Bihar B.ed : बिहार बीएड एंट्रेंस एग्जाम के लिए आज से शुरू होगा आवेदन, इस तरीके से करें अप्लाई chaityi chath 2025: गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे व्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, युवा चेतना सुप्रीमो रोहित कुमार सिंह ने भी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्य घर से भाग कर प्रेमी-युगल ने मंदिर में रचाई शादी, अंतरजातीय विवाह से परिजन थे नाराज, 4 साल से चल रहा था अफेयर Patna crime : पटना के भूतनाथ रोड पर दहशत! एक हफ्ते में तीन लूट, पुलिस बेखबर? Waqf Amendment Bill: नीतीश ने वक्फ बिल को दिया समर्थन तो JDU में मच गयी भगदड़, एक साथ 2 मुस्लिम नेता ने दिया इस्तीफा Bihar teacher transfer : बिहार में 32,688 हेडमास्टर्स को जिला आवंटन, बाकी अभ्यर्थियों को दोबारा मिलेगा विकल्प Bihar News: कर्ज के बोझ से दबे किसान ने उठा लिया बड़ा कदम, घर पर पहुंचकर फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने दी थी गाली Skin Care: इस तेल से करें रोजाना मसाज, चेहरे पर आएगा गजब का निखार!
02-Apr-2025 02:31 PM
Waqf Amendement Bill 2025: नरेंद्र मोदी सरकार ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को संसद में पेश कर दिया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने लोकसभा में इस विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए रखा।
उन्होंने बताया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने पूर्व में वक्फ कानून में कई संशोधन किए, जिससे इसे अन्य कानूनों के ऊपर रख दिया गया। इस स्थिति को संतुलित करने और न्यायसंगत बनाने के लिए अब नए संशोधनों की आवश्यकता पड़ी।
आदिवासियों को कैसे होगा फायदा?
इस विधेयक के तहत एक अहम प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार वक्फ बोर्ड अब 'शेड्यूल 5' और 'शेड्यूल 6' की जमीनों पर दावा नहीं कर सकेगा। झारखंड में बड़ी मात्रा में भूमि शेड्यूल 5 के अंतर्गत आती है, जिसका सीधा लाभ वहां के आदिवासी समुदाय को मिलेगा। बिल पारित होने के बाद झारखंड की आदिवासी जमीनों पर वक्फ बोर्ड का कोई कानूनी दावा नहीं रहेगा।
विपक्ष पर निशाना, गुमराह करने का आरोप
लोकसभा में चर्चा के दौरान किरेन रिजीजू ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वक्फ विधेयक को लेकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने कई संपत्तियों को गैर-अधिसूचित कर दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दिया था, जिसमें संसद भवन तक शामिल था।
जेपीसी रिपोर्ट के आधार पर संशोधन को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले साल यह विधेयक पेश किए जाने के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने मूल विधेयक में आवश्यक बदलावों को मंजूरी दी।
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का आकलन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वक्फ बोर्ड के पास 8.72 लाख संपत्तियां हैं, जो लगभग 9.4 लाख एकड़ भूमि में फैली हुई हैं। इनकी अनुमानित कुल कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 3,56,051 वक्फ एस्टेट्स पंजीकृत हैं, जिनमें 8,72,328 स्थायी और 16,713 अस्थायी संपत्तियां शामिल हैं।
नए विधेयक से क्या बदलेगा?
इस विधेयक के पारित होने के बाद शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 की जमीनें वक्फ बोर्ड के दावों से सुरक्षित रहेंगी। खासकर झारखंड और अन्य आदिवासी बहुल इलाकों के समुदायों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी भूमि पर बाहरी हस्तक्षेप नहीं हो सकेगा।