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एक स्कूल ऐसा भी: बिहार के इस विद्यालय में होता है टेंट में पढ़ाई, भीषण गर्मी और बारिश में बच्चों को होती है भारी परेशानी

भवन के अभाव में टेंट लगाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है। 8 साल से भवन निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। यहां 156 बच्चे किसी तरह पढ़ाई करते हैं।

Bihar
एक स्कूल ऐसा भी
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PURNEA: बिहार के पूणियां जिले में एक ऐसा स्कूल है, जहां टैंट लगाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है। हम बात कर रहे हैं पूर्णिया जिले से 65 किलोमीटर दूर बनमंखी अनुमंडल के जानकीनगर थाना क्षेत्र की कर रहे हैं जहां चांदपुरी भंगहा पंचायत वार्ड नंबर 04 स्थित प्राथमिक विद्यालय ठाकुरपट्टी की यह तस्वीर है। इस स्कूल में महज दो कमरे हैं। जहां कक्षा 1 से 5 तक तक पढ़ाई होती हैं। 


इस स्कूल में भवन में दो क्लास रूम ही हैं। बच्चों की उपस्थिति अधिक होने के कारण पहले क्लास के बच्चों को भवन में बैठाया जाता है बाकि बच्चों को टैंट में बिठाकर पढ़ाया जाता है। वहीं दूसरे कमरे में रसोई सहित अन्य सामान रखा जाता है। जो दो कमरे हैं वह भी जर्जर स्थिति में है। इस स्कूल में कुल 156 बच्चे नामांकित हैं और 6 शिक्षक-शिक्षकाए है।


बता दें कि भवनहीन होने के कारण इस विद्यालय में प्राथमिक अशोक नगर को भी मर्ज किया गया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक आलोक कुमार ने बताया भवन नहीं होने के कारण बच्चों को टैंट में पढाया जाता है। बता दें 2017 में ही पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्वर्गीय राम भगत के द्वारा इस विद्यालय का निरीक्षण किया गया था और उसी वक्त भवन के लिए अनुशंसा किया गया था। 


आठ साल बीत जाने के बावजूद भी यह विद्यालय जस का तस है। यहां एक कमरा तक नहीं बन पाया है। भीषण गर्मी और बारिश के बीच टेंट में बैठकर बच्चों को पढ़ाया जाता है। बिहार सरकार भले ही शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर लें लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।  आज तक प्राथमिक विद्यालय ठाकुरपट्टी की तस्वीर नहीं बदली। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार की नजर इस विद्यालय पर कब पड़ती है और कब इस स्कूल का कायाकल्प हो पाता है। 

पूर्णिया से प्रफूल झा की रिपोर्ट

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