गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण

बिहार सरकार ने गुलज़ारबाग़ स्थित प्रिंटिंग प्रेस और अभिलेखागार के ऐतिहासिक और दुर्लभ दस्तावेजों को डिजिटलीकरण करने का निर्णय लिया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने संयुक्त निरीक्षण किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 04 Feb 2026 06:58:21 PM IST

bihar

अभिलेखागार का निरीक्षण - फ़ोटो social media

PATNA: राज्य की ऐतिहासिक और दुर्लभ दस्तावेजों को संरक्षित करने की दिशा में बिहार सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने ऐतिहासिक गुलज़ारबाग़ स्थित प्रिंटिंग प्रेस एवं अभिलेखागार का संयुक्त निरीक्षण किया।


इस उच्च-स्तरीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यहाँ मौजूद वर्षों पुराने और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले दस्तावेजों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। यह कार्य भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “ज्ञान भारतम पहल के अंतर्गत किया जाएगा।


मुख्य सचिव और महानिदेशक ने अभिलेखागार में रखी गई पुरानी फाइलों, दुर्लभ पांडुलिपियों और ब्रिटिशकालीन दस्तावेजों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने इन दस्तावेजों को राज्य की प्रशासनिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि “ज्ञान भारतम” पहल के तहत इन जीर्ण-शीर्ण हो रहे दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटलीकृत (Digitize) किया जाए।


 इसका उद्देश्य न केवल इन्हें नष्ट होने से बचाना है, बल्कि शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए इन्हें सुलभ बनाना भी है। उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस परिसर और वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दस्तावेजों के रखरखाव के लिए वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया जाए ताकि कागज की गुणवत्ता और स्याही को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।


मौके पर उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है और गुलज़ारबाग़ प्रेस में मौजूद दस्तावेज उस इतिहास के मूक गवाह हैं। “ज्ञान भारतम” पहल के माध्यम से हम इस ज्ञान संपदा को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करेंगे। वहीं, अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि बिहार संग्रहालय इस संरक्षण कार्य में तकनीकी और विशेषज्ञ सहायता प्रदान करेगा ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दस्तावेजों का संरक्षण हो सके। इस अवसर पर सचिव (व्यय), वित्त विभाग, श्रीमती रचना पाटिल भी उपस्थित थीं ।