पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप

पूर्णिया के बनिया पट्टी क्षेत्र में निर्माणाधीन शिवम मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ने जमीनी विवाद और रंगदारी की मांग का आरोप लगाया है। मामला पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 04 Feb 2026 08:43:45 PM IST

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नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला - फ़ोटो REPORTER

PURNEA: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा की लाख कोशिशों के बावजूद बिहार में जमीन विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बिहार के पूर्णिया जिले का है जहां एक बार फिर भूमि विवाद का मामला सामने आया है। इस बार सभी वैध कागजातों के साथ जमीन की खरीदारी करने के बाद भी बिल्डरों और संस्थानों को किसी न किसी तरह की अड़चन का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला नगर के बनिया पट्टी क्षेत्र में निर्माणाधीन शिवम मेडिकल कॉलेज से जुड़ा सामने आया है।


शिवम हायर एजुकेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर पंकज निराला ने बताया कि बनिया पट्टी स्थित मौजा बैठनोली खेमचंद रकवा में उन्होंने करीब 18 एकड़ जमीन वैध तरीके से खरीदी है, जिस पर शिवम मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोग, जो 5 से अधिक की संख्या में आते हैं, बार-बार निर्माण स्थल पर पहुंचकर रंगदारी की मांग करते हैं। इस संबंध में थाना में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।


पंकज निराला ने सीधे तौर पर स्थानीय मुखिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुखिया द्वारा करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी जाती है और रकम नहीं देने पर किसी न किसी बहाने निर्माण कार्य में बाधा डलवाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुखिया के कहने पर ललित महतो, सुरेंद्र महतो, बम-बम ठाकुर और सुबोध महतो को निर्माणाधीन जमीन पर भेजा जाता है, जो काम रुकवाते हैं और पैसों की मांग करते हैं।


डायरेक्टर पंकज निराला ने स्पष्ट कहा कि जमीन उन्होंने वास्तविक जमीन मालिक से खरीदी है। यदि कोई भी व्यक्ति जमीन से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत करता है, तो वे जमीन वापस करने को भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि अधिकारी और मुखिया की मिलीभगत से उन्हें कभी भी किसी प्रकार का खतरा हो सकता है।


उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जिन लोगों पर रंगदारी मांगने का आरोप है, उनके साथ पुलिस खड़े होकर बातचीत करती है और गलत तरीके से निर्माण कार्य के कुछ हिस्सों पर धारा 144 लगा दी गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है और न्यायालय या प्रशासन का जो भी फैसला आएगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।


वहीं, इस पूरे मामले में जिन मुखिया पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर आरोपों वाले पूरे प्रकरण पर मुखिया खुलकर क्या पक्ष रखते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

पूर्णिया से प्रफूल्ल की रिपोर्ट