1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Wed, 04 Feb 2026 07:56:58 PM IST
GRP की पहल से मां-बाप से मिले बच्चे - फ़ोटो REPORTER
JAMUI: जमुई रेलवे स्टेशन पर जसीडीह–पटना मेमू एक्सप्रेस से चार नाबालिग बच्चों को संदिग्ध हालत में बरामद किया गया। बच्चे काफी घबराए हुए थे और असहज दिख रहे थे। जमुई रेलवे जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। फिर बच्चों उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, जमुई रेलवे जीआरपी थाना की एसआई मनोज कुमार, महिला सिपाही प्रेरणा कुमारी एवं जुली कुमारी की स्कॉट टीम नियमित जांच अभियान के तहत ट्रेन की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान चार बच्चे बिना किसी अभिभावक के अकेले यात्रा करते मिले। पूछताछ करने पर बच्चों ने बताया कि वे झारखंड के गोड्डा जिले के पुरियाहाट स्थित सरस्वती शिशु मंदिर आवासीय विद्यालय के छात्र हैं और पिछले दो वर्षों से वहीं रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
बच्चों की पहचान आलोक कुमार (12 वर्ष, पिता रवि यादव), संतोष शाह (10 वर्ष), अनूप साह (10 वर्ष) सहित चार छात्रों के रूप में हुई है। बच्चों ने बताया कि वे प्रत्येक माह ₹2000 हॉस्टल शुल्क देते थे। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वे विद्यालय छोड़कर पुरियाहाट से जसीडीह होते हुए जमुई पहुंच गए।
पूछताछ के दौरान बच्चों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विद्यालय में उनसे नाली सफाई और स्कूल की सफाई करवाई जाती थी। साथ ही चोरी का झूठा आरोप लगाकर उनके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की जाती थी। बच्चों का कहना है कि उन्हें जमीन पर गिरे ₹500 मिले थे, जिसे उन्होंने शिक्षक को सौंप दिया था, बावजूद इसके उन्हें चोर बताकर मारपीट की गई।
वहीं, विद्यालय संचालक लालदेव यादव ने बच्चों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बच्चों ने चोरी की थी और पकड़े जाने के डर से वे हॉस्टल से भाग गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने तत्काल बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। जीआरपी की इस संवेदनशील और मानवीय कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों को जसीडीह–पटना मेमू ट्रेन से बरामद किया गया था और बुधवार सुबह उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।