1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 15 May 2025 01:27:56 PM IST
हिंगलाज माता मंदिर - फ़ोटो Google
Hinglaj Mata Mandir: हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर का उल्लेख करते हुए इसे सनातन धर्म का पवित्र तीर्थस्थल बताया। उन्होंने कहा कि यह वही स्थान है जहां देवी सती का शीश गिरा था, और इसी कारण यह 51 शक्तिपीठों में एक है।
यह मंदिर पाकिस्तान के हिंगोल राष्ट्रीय उद्यान की दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। तीन दिवसीय हिंगलाज यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महाराज गोपाल जी के अनुसार, "जो कोई इन तीन दिनों के दौरान माता की पूजा करता है, उसके सभी पाप क्षमा हो जाते हैं। यही कारण है कि दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।"
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महाराज गोपाल जी के अनुसार, "जो कोई इन तीन दिनों के दौरान माता की पूजा करता है, उसके सभी पाप क्षमा हो जाते हैं। यही कारण है कि दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।" पाकिस्तान में यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि वहां मौजूद 44 लाख हिंदू समुदाय के लिए यह पहचान और सांस्कृतिक अस्तित्व का प्रतीक भी है|
बता दे कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित हिंगलाज माता मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह हिंदू आस्था और संस्कृति का प्रतीक भी है। शक्तिपीठों में शामिल यह मंदिर दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसा है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।