1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 07:27:28 AM IST
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Patna NEET student case : पटना में छात्रा के साथ कथित दरिंदगी के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अब तक राजधानी में किसी भी तरह का ठोस प्रमाण नहीं मिल पाया है। शुरुआती जांच और अब तक जुटाए गए तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने अपनी जांच का केंद्र बिंदु पटना से हटाकर जहानाबाद को बना लिया है। पुलिस को आशंका है कि यदि छात्रा के साथ कोई अनहोनी हुई है, तो उसका घटनास्थल जहानाबाद हो सकता है। फिलहाल टीम को एम्स पटना और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा सकती है।
इसी कड़ी में बुधवार को एसआईटी की एक टीम ने जहानाबाद के भीमपुरा निवासी एक स्कॉर्पियो चालक को हिरासत में लिया। चालक से दिनभर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, यही चालक 27 दिसंबर को जहानाबाद से छात्रा के माता-पिता और भाई को लेकर पटना आया था। उसी दिन छात्रा भी परिजनों के साथ जहानाबाद लौट गई थी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा आमतौर पर ट्रेन से जहानाबाद जाया करती थी, लेकिन उस दिन ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि वह स्कॉर्पियो से घर लौटी। इस बदलाव को जांच के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
एसआईटी में छह वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कुल 38 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। अब तक के अनुसंधान से यह सामने आया है कि छात्रा पांच जनवरी को जहानाबाद से पटना आने के बाद कहीं बाहर नहीं गई थी। हालांकि, उसके कमरे से नींद की गोली के तीन पत्ते मिलने से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद पुलिस को एक पत्ता दवा बरामद हुआ था, जबकि दो पत्ते बाद में परिजनों ने पुलिस को सौंपे। पुलिस के अनुसार, यह ऐसी दवा है जो बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर से नहीं दी जा सकती। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह दवा छात्रा जहानाबाद से ही लेकर आई थी।
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि जहानाबाद में किस मेडिकल स्टोर से यह दवा खरीदी गई थी और दवा का बैच नंबर क्या है। इसी सिलसिले में दवा दुकानदारों से पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि नींद की गोली से जुड़ा पहलू पूरे मामले की कड़ी खोल सकता है। खास बात यह है कि जहानाबाद से खरीदी गई नींद की दवा का बैच नंबर पटना के गोविंद मित्रा रोड इलाके से मिले बैच से मेल खा रहा है, जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को पटना एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने छात्रा से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में अभी एक-दो दिन का समय लग सकता है। वहीं, एफएसएल रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिससे यह साफ हो सके कि छात्रा के साथ किसी तरह की जबरदस्ती या अन्य आपराधिक कृत्य हुआ था या नहीं।
नींद की गोली मिलने के मामले में पूछताछ तेज कर दी गई है। पटना सचिवालय की महिला डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को पतियावां पहुंची और छात्रा के परिजनों से कई बिंदुओं पर बातचीत की। दूसरी टीम ने नींद की दवा बेचने वाले एक मेडिकल दुकानदार से भी पूछताछ की। इस टीम में परसा बाजार और जक्कनपुर थानाध्यक्ष भी शामिल थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दवा किसके कहने पर और किस परिस्थिति में खरीदी गई।
इस पूरे मामले में अब भी कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब जांच एजेंसियों को नहीं मिल पाया है। मसलन, छात्रा को नींद की दवा किसने उपलब्ध कराई? वह जहानाबाद में नींद की दवा खरीदने किसके साथ गई थी? उसके मोबाइल फोन से कई मैसेज किसने और क्यों डिलीट किए? घटना के तीन दिनों तक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन क्यों नहीं दिया गया? इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि दवा खरीदने के लिए छात्रा ने 350 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया था, जिसकी भी जांच की जा रही है।
एसआईटी का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा। फिलहाल, जांच की सुई तेजी से जहानाबाद की ओर घूम चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।