ब्रेकिंग
आय से अधिक संपत्ति मामले में शिवहर के DDC बृजेश कुमार सस्पेंड, पत्नी के नाम करोड़ों की संपत्ति उजागरसहरसा में दूल्हा बाइक से पहुंचा दूल्हन के घर, कीचड़ भरे रास्ते ने खोली सिस्टम की पोलधनबाद के BCCL कोल वाशरी में बड़ा हादसा: कोयले की स्लरी में दबने से 4 मजदूरों की मौतमांझी को चिराग पासवान ने दी नसीहत, कहा..दर्द नहीं समझ सकते, तो नमक भी मत छिड़कोसम्राट चौधरी से इंसाफ की मांग: पटना में घर में घुसकर युवक की हत्या, आक्रोशित लोगों ने अशोक राजपथ को किया जामआय से अधिक संपत्ति मामले में शिवहर के DDC बृजेश कुमार सस्पेंड, पत्नी के नाम करोड़ों की संपत्ति उजागरसहरसा में दूल्हा बाइक से पहुंचा दूल्हन के घर, कीचड़ भरे रास्ते ने खोली सिस्टम की पोलधनबाद के BCCL कोल वाशरी में बड़ा हादसा: कोयले की स्लरी में दबने से 4 मजदूरों की मौतमांझी को चिराग पासवान ने दी नसीहत, कहा..दर्द नहीं समझ सकते, तो नमक भी मत छिड़कोसम्राट चौधरी से इंसाफ की मांग: पटना में घर में घुसकर युवक की हत्या, आक्रोशित लोगों ने अशोक राजपथ को किया जाम

1 अप्रैल से इनकम टैक्स में होंगे ये बड़े बदलाव, टैक्सपेयर्स की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Income Tax Act 2026: केंद्रीय बजट 2026 में इनकम टैक्स एक्ट में बड़े बदलाव किए गए हैं। TCS दरों में कमी, STT में बढ़ोतरी, ITR-3/4 की डेडलाइन में एक्सटेंशन और शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन्स टैक्स जैसे बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

Income Tax Act 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Income Tax Act 2026: केंद्रीय बजट 2026 में इनकम टैक्स एक्ट में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकार ने टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाने और प्रोसेस का बोझ कम करने के लिए कई नई घोषणाएं की हैं। नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। यह मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


बजट में TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) दरों में कमी की गई है, ताकि टैक्सपेयर पर बोझ कम हो। वहीं, शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस के लिए सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। अब फ्यूचर्स पर STT 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% लागू होगा।


सरकार ने ITR-3 और ITR-4 फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है। गैर-ऑडिट टैक्सपेयर्स अब 31 अगस्त तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ITR-1 और ITR-2 की डेडलाइन 31 जुलाई जैसी ही बनी रहेगी, जबकि टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर तय है।


रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर संबंधित वित्त वर्ष की 31 मार्च कर दी गई है। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। सरकार ने विदेशी संपत्ति का खुलासा करने का भी मौका देने की घोषणा की है।


इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से शेयर बायबैक से प्राप्त रकम अब कैपिटल गेन्स के रूप में टैक्सेबल होगी। प्रमोटर्स के लिए डिफरेंशियल बायबैक टैक्स लागू होगा, जिसमें कॉर्पोरेट प्रमोटर्स के लिए 22% और नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटर्स के लिए 30% कर लगेगा।


डिविडेंड इनकम और म्यूचुअल फंड यूनिट्स से प्राप्त इनकम पर अब ब्याज खर्च की कटौती नहीं मिलेगी। इसका मतलब है कि टैक्सपेयर्स को स्लैब रेट के हिसाब से पूरा टैक्स देना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट 2026 टैक्स नियमों को आसान बनाने, रिफंड में देरी कम करने और टैक्सपेयर की उलझन दूर करने की दिशा में बड़ा कदम है।

टैग्स
रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें