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Hanuman Jayanti 2025: दिल्ली के 5 प्राचीन हनुमान मंदिर, जहां छिपा है युगों का इतिहास, दर्शन मात्र से मिट जाते हैं सारे संकट

Hanuman Jayanti 2025: अगर आप दिल्ली या आसपास रहते हैं और हनुमान जयंती पर मंदिर दर्शन का मन बना रहे हैं, तो राजधानी के ये 5 प्राचीन और मशहूर हनुमान मंदिर आपकी लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

Hanuman Jayanti 2025
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जन्मोत्सव, यानी बजरंगबली का जन्मदिन, हर साल चैत्र पूर्णिमा को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस बार 12 अप्रैल 2025, शनिवार को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ, पूजा-अर्चना और मंदिरों में दर्शन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन संकटमोचन के चरणों में शीश झुकाने से हर मुश्किल आसान हो जाती है। अगर आप दिल्ली या आसपास रहते हैं और हनुमान जयंती पर मंदिर दर्शन का मन बना रहे हैं, तो राजधानी के ये 5 प्राचीन और मशहूर हनुमान मंदिर आपकी लिस्ट में जरूर होने चाहिए। इन मंदिरों का इतिहास युगों पुराना है और यहाँ की आस्था हर भक्त के मन को शांति देती है। 


प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस

कनॉट प्लेस का प्राचीन हनुमान मंदिर दिल्ली के सबसे पुराने और मशहूर मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि यह महाभारत काल के पाँच मंदिरों में शामिल है। यहाँ हनुमान जी की स्वयंभू मूर्ति स्थापित है, जो अपने आप प्रकट हुई थी। मंदिर में बजरंगबली दक्षिणमुखी बाल हनुमान के रूप में दर्शन देते हैं। हनुमान जन्मोत्सव पर यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और चालीसा की गूंज माहौल को भक्तिमय कर देती है। यहाँ पहुँचने के लिए राजीव चौक मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीक है।


श्री बालाजी बाबोसा मंदिर, रोहिणी

रोहिणी में बसा श्री बालाजी बाबोसा मंदिर हनुमान जी के बाल रूप की पूजा के लिए खास है। यहाँ बजरंगबली के साथ भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की मूर्तियाँ भी विराजमान हैं, जो इसे और भी विशेष बनाती हैं। मंदिर का शांत माहौल मन को सुकून देता है। हनुमान जयंती पर यहाँ भक्तों का मेला लगता है। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो रिठाला मेट्रो स्टेशन पर उतरें। 


हनुमान मंदिर, करोल बाग 

करोल बाग का हनुमान मंदिर दिल्ली की शान है। यहाँ 108 फीट ऊँची हनुमान जी की विशाल मूर्ति दूर से ही दिखाई देती है, जिसे अक्सर फिल्मों और टीवी शोज में देखा जाता है। इस मूर्ति में हनुमान जी का सीना चीरकर राम-सीता का दर्शन कराने वाला रूप हर भक्त को मंत्रमुग्ध कर देता है। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के दर्शन के साथ एक गुफा मंदिर भी है, जो वैष्णो देवी की तर्ज पर बनाया गया है। हनुमान जन्मोत्सव पर यहाँ की रौनक देखते बनती है। पहुँचने के लिए झंडेवालान या करोल बाग मेट्रो स्टेशन चुन सकते हैं।


प्राचीन हनुमान मंदिर, चाणक्यपुरी

चाणक्यपुरी का हनुमान मंदिर भी दिल्ली के पुराने और पवित्र स्थानों में से एक है। यहाँ रोजाना सैकड़ों भक्त पवनपुत्र का आशीर्वाद लेने आते हैं। खास बात यह है कि पास में ही बटुक भैरव मंदिर भी है, जहाँ आप एक साथ दोनों के दर्शन कर सकते हैं। हनुमान जयंती पर यहाँ विशेष पूजा और हवन होते हैं, जो भक्तों को जोश से भर देते हैं। मंदिर तक जाने के लिए लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीक है।


मरघट हनुमान मंदिर, कश्मीरी गेट

कश्मीरी गेट का मरघट हनुमान मंदिर, जिसे यमुना बाजार हनुमान मंदिर भी कहते हैं, दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिरों में गिना जाता है। मान्यता है कि लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी ले जाते वक्त हनुमान जी ने यहीं विश्राम किया था। यह मंदिर पहले यमुना नदी के किनारे था। यहाँ की मूर्ति जमीन से कुछ फीट नीचे स्थापित है, जो इसे और खास बनाती है। हनुमान जन्मोत्सव पर यहाँ भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। पहुँचने के लिए लाल किला मेट्रो स्टेशन सबसे सुविधाजनक है।