Bihar Crime News: चाकूबाजी में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर किया बवाल Bihar Crime News: चाकूबाजी में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर किया बवाल Supreme Court: अब ‘तारीख पर तारीख’ की प्रथा होगी समाप्त, सुप्रीम कोर्ट में इस दिन से लागू होंगे बड़े बदलाव; जानिए.. Supreme Court: अब ‘तारीख पर तारीख’ की प्रथा होगी समाप्त, सुप्रीम कोर्ट में इस दिन से लागू होंगे बड़े बदलाव; जानिए.. Bihar News: बिहार में गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, निवेशकों और किसानों के लिए सुनहरा मौका Bihar News: बिहार में गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, निवेशकों और किसानों के लिए सुनहरा मौका Patna Nagar Nigam: पटना नगर निगम के कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, दैनिक मजदूरी में हुई इतनी बढ़ोतरी; इस दिन से लागू होंगी नई दरें Patna Nagar Nigam: पटना नगर निगम के कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, दैनिक मजदूरी में हुई इतनी बढ़ोतरी; इस दिन से लागू होंगी नई दरें Bihar Promotion: बिहार सचिवालय सेवा के 855 अधिकारियों का प्रमोशन, नीतीश सरकार ने जारी की अधिसूचना Bihar Promotion: बिहार सचिवालय सेवा के 855 अधिकारियों का प्रमोशन, नीतीश सरकार ने जारी की अधिसूचना
1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 30 Sep 2024 03:25:39 PM IST
- फ़ोटो
DESK: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे की सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने गाय को राज्य माता का दर्जा दे दिया है। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शिंदे सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया। इस फैसले को बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
दरअसल, सनातन धर्म में गाय को पहले से ही माता का दर्जा प्राप्त है। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक गाय में देवी-देताओं का वास होता है। गाय के प्रति हो रहे क्रूर अपराध को देखते हुए महाराष्ट्र में हिंदू संगठनों द्वारा गाय को राज्यमाता का दर्जा देने की मांग सरकार से की जा रही थी, जिसे मानते हुए सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा दे दिया है।
शिंदे सरकार के इस फैसले से हिंदू समुदाय और हिदू संगठन के लोगों में काफी खुशी है। सरकार के अनुसार वैदिक काल से ही भारतीय संस्कृति में गाय की स्थिति, मानव आहार में देसी गाय के दूध की उपयोगिता, आयुर्वेद समेत अन्य जैविक कृषि प्रणाली में गाय के मूत्र और गोबर का इस्तेमाल महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में देसी गायों को अब ‘राज्यमाता गोमाता’ घोषित करने को मंजूरी दी जाती है।