ब्रेकिंग
मुहर्रम जुलूस में वर्दी पहनकर तलवार लहराना दारोगा को पड़ गया भारी, मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने किया लाइन हाजिरभागवत कथा में डांस करने पर पति ने उठा लिया बड़ा कदम, पत्नी-दो बच्चों की हत्या कर खुद किया सुसाइडभरत तिवारी एनकाउंटर की जांच जारी, रामकृपाल यादव बोले- बहुत जल्द दूध का दूध, पानी का पानी होगाभरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासत तेज, 5 जुलाई को सम्राट चौधरी के समर्थन में होगी बहुजन महापंचायतदिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके, 6.2 रही तीव्रतामुहर्रम जुलूस में वर्दी पहनकर तलवार लहराना दारोगा को पड़ गया भारी, मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने किया लाइन हाजिरभागवत कथा में डांस करने पर पति ने उठा लिया बड़ा कदम, पत्नी-दो बच्चों की हत्या कर खुद किया सुसाइडभरत तिवारी एनकाउंटर की जांच जारी, रामकृपाल यादव बोले- बहुत जल्द दूध का दूध, पानी का पानी होगाभरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासत तेज, 5 जुलाई को सम्राट चौधरी के समर्थन में होगी बहुजन महापंचायतदिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके, 6.2 रही तीव्रता

केरल के 10 हजार मस्जिदों पर पहली बार फहराया गया तिरंगा, जानिए इसका बड़ा कारण

DESK: पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के 10 हजार से अधिक मस्जिदों में तिरंगा फहराया गया है. कुट्टियादी जुमा मस्जिद समिति के सचिव के बशीर ने इसको लेकर बताया कि वक्फ बोर्ड के न

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

DESK: पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के 10 हजार से अधिक मस्जिदों में तिरंगा फहराया गया है. कुट्टियादी जुमा मस्जिद समिति के सचिव के बशीर ने इसको लेकर बताया कि वक्फ बोर्ड के निर्देश पर राज्य की करीब 10 हजार मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. साथ ही संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी गई. 

देश की एकता बनाए रखने के लिए हुए यह काम

बशीर ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से संविधान खतरे में है. इस कानून से धर्म के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है. इसलिए, हमने एकजुटता के साथ संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और देश की एकता बनाए रखने के लिए हमने मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया है. हमलोग एनआरसी का विरोध जारी रखेंगे. 

केरल में वामदल ने बनाई मानव श्रृंखला

केरल में आज वामदलों ने मानव श्रृंखला में करीब 60 से 70 लाख लोग शामिल हुए. इसकी लंबाई 620 किमी थी.  मानव श्रृंखला शाम 4 बजे बनाई गई थी. बाद में लोगों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और इसकी रक्षा करने की शपथ ली. इसमें माकपा के सीनियर नेता शामिल हुए. यह मानव श्रृंखला नागरिकता संसोधन बिल के विरोध में था.