1st Bihar Published by: Updated Wed, 22 Jan 2020 09:23:55 AM IST
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DELHI: बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआी ने साल 2015 में पेमेंट बैंक शुरू की थी. आरबीआई का मकसद बैंकिंग सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाना था. पेमेंट बैंक के लाइसेंस के लिए 41 कंपनियों ने आरबीआई को आवेदन दिया था, जिसमें से केवल 11 कंपनियों को लाइसेंस जारी किया गया है.
जिन लोगों का अकाउंट वोडाफोन m-pesa पेमेंट बैंक में है, उनके लिए बुरी खबर है. वोडाफोन m-pesa पेमेंट बैंक का कामकाज बंद हो गया है. वोडाफोन m-pesa के ग्राहकों को अब एक टाइम पीरियड तक अपने पेमेंट बैंक से पैसे निकाल लेने होंगे. आरबीआई ने वोडाफोन m-pesa के सीओए को रद्द कर दिया है.
आपको बता दें कि वोडाफोन ने स्वेच्छा से पेमेंट बैंक m-pesa को बंद करने का आवेदन दिया था. जिसके बाद रिजर्व बैंक ने वोडाफोन m-pesa के आवंटित अधिकार प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया है. सीओए को रद्द करने के बाद इस पेमेंट बैंक का कामकाज बंद हो गया है. इस पेमेंट बैंक के ग्राहकों या व्यापारियों का पीएसओ के रूप में कंपनी के ऊपर कोई वैध दावा है तो वे सीओए रद्द होने के 3 साल के भीतर तक दावा कर सकते हैं.