1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 18, 2026, 8:13:00 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Farmer Registry Bihar: एग्री स्टैक महाअभियान के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मिशन मोड में चल रहे अभियान को गति देने के लिए अपने वरीय अधिकारियों की जिलों में तैनाती कर दी है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश पर 17 जनवरी से 21 जनवरी तक सभी जिलों में पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। उन कैंपों की सतत निगरानी और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को 17 जनवरी से ही विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
आदेश के अनुसार, अरूण कुमार सिंह, विशेष सचिव को रोहतास, कैमूर, बक्सर, महेन्द्र पाल, अपर सचिव को पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, आजीव वत्सराज, अपर सचिव को दरभंगा, समस्तीपुर, मणिभूषण किशोर, विशेष कार्य पदाधिकारी को बेगूसराय, खगड़िया, सुधा रानी, विशेष कार्य पदाधिकारी को गया, औरंगाबाद, मोना झा, उप-निदेशक, बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग को पटना, जहानाबाद, डॉ० सुनील कुमार, उप-सचिव को बाँका, भागलपुर, संजय कुमार सिंह, उप-सचिव को गोपालगंज, सिवान.
वहीं अमरेन्द्र कुमार, सहायक निदेशक, कृषि गणना को जमुई, शेखपुरा, सोनी कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी को वैशाली, अरवल, नवाजिश अख्तर, विशेष कार्य पदाधिकारी, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय को भोजपुर, मुंगेर, सुमीत कुमार आनंद, सहायक निदेशक, कृषि गणना को मधुबनी, लखीसराय, सुधांशु शेखर, सहायक निदेशक, कृषि गणना को नालंदा, नवादा, पंकज कुमार झा, भू-अर्जन निदेशालय को मधेपुरा, सुपौल, सहरसा एवं नीरज कुमार सिंह, भू-अर्जन निदेशालय को पूर्वी चम्पारण, चम्पारण पश्चिमी चंपारण की जिम्मेवारी सौंपी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि एग्री स्टैक महाअभियान किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध लाभ दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान अवधि के दौरान सभी संबंधित पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और प्रतिदिन की अपने प्रतिनियुक्ति के जिले की प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग का मानना है कि जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से फील्ड स्तर पर कार्यों की गति बढ़ेगी, समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सकेगा।