Nitish Kumar : CM नीतीश के कुर्सी छोड़ने की खबर से भूचाल! JDU के अंदर भारी आक्रोश...कल सुबह CM हाउस के बाहर समर्थकों का होगा बड़ा जुटान...

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन की खबर से जेडीयू में हलचल तेज हो गई है। समर्थक विरोध में उतर आए हैं, वहीं अमित शाह के पटना दौरे के बीच एनडीए के उम्मीदवार नामांकन भरेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2026, 9:16:46 PM

Nitish Kumar : CM नीतीश के कुर्सी छोड़ने की खबर से भूचाल! JDU के अंदर भारी आक्रोश...कल सुबह CM हाउस के बाहर समर्थकों का होगा बड़ा जुटान...

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Nitish Kumar : बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक हलचल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के जेडीयू कोटा से राज्यसभा जाने की खबरों ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मीडिया में जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि वह कल सुबह राज्यसभा के लिए नामांकन भर सकते हैं, वैसे ही जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर हलचल तेज हो गई है।


सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कल सुबह पटना में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। वहीं देश के गृह मंत्री Amit Shah के भी मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। खबर है कि अमित शाह सुबह पटना पहुंचेंगे और उसके बाद एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार एक साथ नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे।


इधर, मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चाओं से जेडीयू समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई है। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू कर दिया है। विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर संदेश वायरल हो रहे हैं कि कल सुबह 8 बजे से सीएम हाउस के पास जुटना है और मुख्यमंत्री से राज्यसभा जाने का फैसला वापस लेने की अपील करनी है। समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहिए और राज्य की बागडोर उनके हाथों में ही सुरक्षित है।


जेडीयू के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कुछ नेता इसे रणनीतिक कदम बता रहे हैं तो कुछ इसे बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और सत्ता समीकरण किस दिशा में जाएगा।


एनडीए खेमे में हालांकि इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया जा रहा है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति पहले से तय थी और सभी उम्मीदवारों के नामांकन की तैयारी पूरी कर ली गई है। बताया जा रहा है कि एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।


इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। मुख्यमंत्री के समर्थक जहां उन्हें राज्य में ही सक्रिय रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या यह कदम राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका की ओर इशारा है या फिर यह केवल संगठनात्मक संतुलन का हिस्सा है।


अब सबकी निगाहें कल सुबह पर टिकी हैं, जब नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी और तस्वीर और साफ होगी। क्या नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे या समर्थकों का दबाव कोई नया मोड़ लाएगा — यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल बिहार की राजनीति में उत्सुकता, अटकलें और सियासी सरगर्मी चरम पर है।