अंबा प्रसाद के पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

अंबा प्रसाद के पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

RANCHI: पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी झटका लगा है। झारखंड हाई कोर्ट की डबल बेंच ने योगेंद्र साव की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एनटीपीसी भूमि अधिग्रहण केस में रांची की सिविल कोर्ट से दी गई सजा को रद्द करने की मांग हाई कोर्ट से की थी।


हाई कोर्ट की जस्टिस रत्नाकर भेंगरा और जस्टिस अम्बुज नाथ की कोर्ट में शुक्रवार को क्रिमिनल अपील पर सुनवाई हुई। योगेन्द्र साव की ओर से अधिवक्ता विशाल तिवारी ने बहस की। योगेन्द्र साव की ओर से हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी जा सकती है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब योगेन्द्र साव के चुनाव लड़ने पर रोक जारी रहेगी। योगेंद्र प्रसाद कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के पिता हैं।


उधर, पिता के साथ साथ बेटी अंबा प्रसाद की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। अवैध खनन, जमीन और लेवी से जुड़े मामले में ईडी ने पिछले दिनों अंबा प्रसाद और उनके करीबियों के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ईडी ने कांग्रेस विधायक के घर से 35 लाख कैश बरामद किया था। इसके अलावा कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी ईडी के हाथ लगे थे।


छापेमारी के दौरान कई डिजीटल डिवाइस, सर्किल ऑफिस और बैंकों के नकली टिकट, हाथ से लिख गई डायरियां और रसीद मिले थे। कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे जिन्हें ईडी ने जब्त कर लिया था। अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव के ठिकानों के ठिकानों से छापेमारी के दौरान अवैध बालू खनन, लेवी वसूली, जमीन पर जबरन कब्जा करने से जुड़े के कई दस्तावेज मिले थे। ईडी बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है।


इस मामले में अब ईडी ने कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद को समन जारी किया है। ईडी ने आगामी चार अप्रैल को अंबा प्रसाद को पूछताछ के लिए रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाया है। अंबा के साथ ही उनके भाई अंकित साव को 5 अप्रैल और धनबाद में सीओ शिशिभूषण को आगामी 2 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है।