BIHAR NEWS : सम्राट, विजय और उपेंद्र के घर होगी एनडीए की तीन दिवसीय बैठक, तैयार होगी खास रणनीति; तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ना तय

बिहार में 12-14 फरवरी को एनडीए की तीन चरणों में बैठक होगी। सम्राट चौधरी, विजय कुमार चौधरी और उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर बैठकों में नए विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। नीतीश कुमार भी राज्यसभा उम्मीदवार, राजद का एडी सिंह मैदान में।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 3:41:39 PM

BIHAR NEWS : सम्राट, विजय और उपेंद्र के घर होगी एनडीए की तीन दिवसीय बैठक, तैयार होगी खास रणनीति; तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ना तय

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BIHAR NEWS : बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिवसीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ये बैठकें 12, 13 और 14 फरवरी को होने वाली हैं और इसमें एनडीए के सभी शीर्ष नेता भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार, इन बैठकों का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहली बैठक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर होगी। इसके बाद दूसरी बैठक विजय कुमार चौधरी के आवास पर और तीसरी व अंतिम बैठक उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर आयोजित की जाएगी।


बैठकों का मुख्य उद्देश्य बिहार से खाली हुई पांच राज्यसभा सीटों के लिए रणनीति तैयार करना और नए विधायकों को राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित करना है। इस प्रशिक्षण में विधायकों को वोटिंग के नियम, आवश्यक कागजी कार्रवाई और चुनाव प्रक्रिया की सभी बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। एनडीए यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी विधायक इस प्रक्रिया में गलती न करे, जिससे चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव न पड़े।


इस बार बिहार से पांच राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं और कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। एनडीए ने सभी पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। इनमें सबसे बड़ी चर्चा का विषय यह है कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा के लिए अपना नामांकन किया है। इसके अलावा, महागठबंधन की ओर से राजद ने अपने उम्मीदवार के रूप में फिर से एडी सिंह को मैदान में उतारा है। ऐसे में यह चुनाव पहले से कहीं अधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बन गया है।


राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या और उनके संभावित वोटिंग पैटर्न को देखते हुए एनडीए की बैठकें काफी रणनीतिक महत्व रखती हैं। बैठक में यह तय किया जाएगा कि प्रत्येक सीट पर कैसे उम्मीदवार को समर्थन देना है और किस प्रकार से विधायकों के वोटों का सही इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, नए विधायकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें उन्हें चुनाव प्रक्रिया, मत डालने के नियम और संभावित खामियों से बचने के तरीके समझाए जाएंगे।


तीन चरणों में आयोजित होने वाली एनडीए की बैठकें इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। पहली बैठक सम्राट चौधरी के आवास पर होगी, जिसमें मुख्य रूप से रणनीति पर चर्चा होगी। दूसरी बैठक विजय कुमार चौधरी के आवास पर होगी, जिसमें विधायकों की ट्रेनिंग और चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। तीसरी और अंतिम बैठक उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर होगी, जिसमें अंतिम रणनीतिक निर्णय लिए जाएंगे और चुनाव के दौरान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जाएगी।


राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही पक्ष अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं। यह चुनाव बिहार में राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।बिहार में इस बार के राज्यसभा चुनाव की लड़ाई जितनी रोमांचक है, उतनी ही जटिल भी है।


बहरहाल, एनडीए की तीन दिवसीय बैठक में काफी कुछ तय होने की उम्मीद भी मानी जा रही है। नीतीश कुमार का नामांकन के बाद मुकाबला काफी रोचक हो हुआ है, इसकी वजह है कि वर्तमान समीकरण से तो चार सीटों पर एनडीए की जीत तय है और पांचवी के लिए तीन विधायकों का जुगाड़ करना है। ऐसे में नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तो तय है लिहाजा अब  पांचवी सीट पर थोड़ी लड़ाई देखने को मिल सकता है।


इस प्रकार, 12 से 14 फरवरी तक होने वाली एनडीए की बैठकें न केवल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगी, बल्कि बिहार के राजनीतिक भविष्य पर भी गहरा प्रभाव डालेंगी। यह चुनाव राज्यसभा की पांच सीटों के लिए निर्णायक सिद्ध होने जा रहा है, और राजनीतिक जानकार इसे बिहार की राजनीति का सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण चुनाव मान रहे हैं।