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1 खरब 5 अरब रुपये का डाका: इस नटवरलाल ने साढ़े 3 करोड़ लोगों को किया कंगाल

मध्य प्रदेश के कथित निवेश घोटाले में समीर अग्रवाल पर 17 राज्यों में नेटवर्क फैलाकर 3.5 करोड़ से अधिक निवेशकों से 1.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का आरोप है। जबलपुर CID 11 मामलों की जांच कर रही है।

मध्यप्रदेश न्यूज
17 राज्यों में फर्जी कंपनियों का जाल
© AI-generated image
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

Chit Fund Scam: मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से कथित चिटफंड कारोबार शुरू करने वाला समीर अग्रवाल अब हजारों करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले की जांच के घेरे में है। आरोप है कि उसने टूर पैकेज और छोटे स्तर के चिटफंड कारोबार से शुरुआत कर 17 राज्यों में कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में करीब 3.5 करोड़ से अधिक निवेशकों से 1.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जुटाए जाने का दावा किया जा रहा है।


यह भी आरोप है कि निवेशकों को एफडी, ज्यादा ब्याज और कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर रकम जमा कराई गई। जब निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस करने का समय आया तो कथित तौर पर कई कंपनियों और सोसायटी के दफ्तर बंद हो गए। यह भी आरोप है कि समीर अग्रवाल विदेश चला गया और अब जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।


जबलपुर CID कर रही 11 मामलों की जांच

मध्य प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज इस कथित निवेश घोटाले से जुड़े मामलों की जांच अब जबलपुर CID को सौंपी गई है। अशोकनगर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा से जुड़े 11 मामलों की जांच CID कर रही है। शुरुआती जांच के मुताबिक, करीब 1,600 निवेशकों से लगभग 42 करोड़ रुपये जमा कराए जाने और कथित तौर पर रकम हड़पने की बात सामने आई है। CID 11 केस डायरी के आधार पर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


जांच में आरोप सामने आया है कि भोपाल, शहडोल और सिंगरौली समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों में निवेशकों को एफडी, अधिक ब्याज और पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया। आरोपियों ने लॉरिटनेस जनहित क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (LJCC) समेत करीब एक दर्जन कंपनियों और सोसायटियों के जरिए निवेश का नेटवर्क तैयार किया। जांच में देशभर में करीब 3.5 करोड़ से अधिक निवेशकों से कुल 1,05,12,62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा किए जाने संबंधी दावे सामने आए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


जांच में आरोप है कि अकेले मध्य प्रदेश में करीब 2.10 लाख से अधिक निवेशकों से 492 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा कराए गए। बताया जा रहा है कि केंद्रीय सहकारी समितियों और अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से यह नेटवर्क 17 राज्यों तक फैलाया गया। इनमें दिल्ली, उत्तराखंड, असम, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और पंजाब समेत कई राज्य शामिल बताए जा रहे हैं।


स्थानीय लोगों के नाम पर खाते खुलवाने का आरोप

जांच एजेंसियों के सामने यह आरोप भी आया है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने स्थानीय स्तर पर लोगों को मैनेजर बनाया और उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए। निवेशकों से जमा होने वाली रकम का लेन-देन कथित तौर पर इन्हीं खातों के माध्यम से किया जाता था। स्थानीय स्तर पर जमा रकम को आगे पहुंचाने के लिए हवाला के इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच की जा रही है। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां-कहां भेजी गई और इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों और संस्थाओं की भूमिका थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। निवेशकों से जुटाई गई कुल रकम, आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क के वास्तविक दायरे की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।