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छात्र आंदोलन पर बोले प्रशांत किशोर, कहा..सरकार गंभीर नहीं हुई तो सड़कों पर और बड़ा आंदोलन होगा

मीडिया कर्मियों ने पूछा कि प्रशांत जी छात्र अभ्यर्थी आपको खोज रहे हैं, इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि लोग मुझे खोज रहे हैं, तो हम यही पटना में ही ना हैं। रोज यही पटना में ही घूम रहे हैं।

छात्र आंदोलन पर बोले प्रशांत किशोर, कहा..सरकार गंभीर नहीं हुई तो सड़कों पर और बड़ा आंदोलन होगा
अगर लोग मुझे खोज रहे हैं तो वो पटना में ही हैं: PK
Jitendra Vidyarthi
7 मिनट

PATNA: पटना में मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों और टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसानों के कारण दिनभर माहौल तनावपूर्ण रहा। लोकभवन मार्च के लिए निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया।


डाकबंगला चौराहे पर स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों और किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने सरकार पर प्रतिक्रिया दी।


प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में देश में लोकतंत्र की ताकत देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि पहले आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज आम बात थी, लेकिन अब पुलिस लाठी चलाने से पहले कई बार सोच रही है। उनके मुताबिक, यह लोकतंत्र की ताकत है और इसे एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और किसानों की जायज मांगों को स्वीकार करना चाहिए। सरकार इन मांगों को दबा नहीं सकती। प्रशांत किशोर ने कहा कि देश में शिक्षा के निजीकरण और कोचिंग संस्थानों के जरिए शिक्षा के व्यवसायीकरण के साथ-साथ पेपर लीक और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी गंभीर हैं।


उन्होंने कहा कि इन मुद्दों से युवाओं का एक बड़ा वर्ग मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं है। अगर सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में सड़कों पर छात्रों के और बड़े आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। वहीं, मीडिया कर्मियों ने जब प्रशांत किशोर से पूछा कि छात्र अभ्यर्थी उन्हें खोज रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि अगर लोग उन्हें खोज रहे हैं तो वह पटना में ही हैं। उन्होंने कहा कि वह रोज पटना में घूम रहे हैं।


दरअसल आज मंगलवार को पटना की सड़कों पर आज दिनभर बवाल होता रहा। अपनी मांगों को लेकर लोकभवन मार्च के लिए निकले अलग-अलग छात्र संगठनों और टाउनशिप का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और वाटर कैनेन से पानी की बौछार की गयी। लेकिन डाकबंगला पर लगे बैरिकेडिंग को तोड़कर लोग आगे बढ़ने लगे तब भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठियां भी चटकानी पड़ गयी। छात्रों और किसानों पर हुई लाठीचार्ज को लेकर बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले दो तीन महीनों में देश में लोकतंत्र की ताकत देखने को मिली।


उन्होंने कहा कि पहले जहां आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज होता है जो अब देखने को नहीं मिल रहा है। पहले जितनी बार लोग प्रदर्शन किये उतनी बार पुलिस की ओर से लाठियां चलाई गयी लेकिन आज लाठी चलाने से पहले सरकार दस बार सोच रही है, यही लोकतंत्र की ताकत है। यह एक तरह से बेहतर बात है। सरकार को छात्रों और किसानों की जायज मांगों को मानना चाहिए। इनकी मांगों को सरकार दबा नहीं सकती। हमने यह बात पहले भी कहा है कि पूरे देश में शिक्षा का जो प्राइवेटाइजेशन हुआ, कोचिंग संस्थानों के जरीये व्यवसायीकरण हुआ है और उसके माध्यम से जो पेपर लीक हो रहा है और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है। इन चीजों की बात करेंगे तो युवाओं में एक बहुत बड़ा वर्ग है, जो आज की व्यवस्था से खुश नहीं है। यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो सड़को पर छात्रों का आंदोलन और देखने को मिलेगा। मीडिया कर्मियों ने पूछा कि प्रशांत जी छात्र अभ्यर्थी आपको खोज रहे हैं, इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि लोग मुझे खोज रहे हैं, तो हम यही पटना में ही ना हैं। रोज यही पटना में ही घूम रहे हैं। 


पटना की सड़कों पर आज दिनभर बवाल होता रहा। अपनी मांगों को लेकर लोकभवन मार्च के लिए निकले अलग-अलग छात्र संगठनों और टाउनशिप का विरोध कर रहे किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई छात्रों और किसानों को हिरासत में लिया गया। पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी, फतुहा सहित कई इलाकों से किसान पाटलिपुत्र ग्रीनफिल्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में पटना आए हुए थे। किसानों के आंदोलन पर बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने कहा कि बिना कुछ समझे बुझे सरकार बड़े उद्योगपतियों की मदद कर रही है। किसानों की महंगाी जमीन को औने पौने दाम पर बेचने की साजिश हो रही है। 


बता दें कि बिहार सरकार राज्य में 12 टाउनशिप डेवलप करने जा रही है। जिसमें एक पाटलिपुत्र ग्रीनफिल्ड सैटेलाइट टाउनशिप भी  प्रदर्शनकारी किसान प्रस्तावित टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि उनकी जमीन खेती योग्य है और इसी से परिवार की आजीविका चलती है। किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी खेती की जमीन सरकार को नहीं देना चाहते। किसानों का कहना था कि पाटलिपुत्र सैटेलाइट सिटी नहीं बनना चाहिए, क्योंकि उस खेत से हम एक साल में तीन फसल उगाते हैं। यह हमारी जमीन है, जिसे बेचकर बेटी की शादी करते हैं और बेटे को पढ़ाते हैं। इसलिए यह जमीन सरकार को नहीं देंगे। प्रदर्शन के दौरान किसान प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए पटना के डीएम, एसएसपी और एसपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए समझाने का प्रयास किया।


किसानों के आंदोलन पर प्रशांत किशोर ने कहा कि बिना कुछ समझे सरकार बड़े उद्योगपतियों की मदद कर रही है। किसानों की महंगी जमीन को औने पौने दाम पर उद्योगपतियों को देने की साजिश कर रही है। सरकार के इस कदम से समाज में व्यापक असंतोष का माहौल है। सरकार जब यह कानून लेकर आई थी तभी से हम कह रहे हैं कि यह बिहार में संभव ही नहीं है। सरकार इसे बिहार में लागू नहीं कर पाएगी। सरकार के इस फैसले से समाज में असंतोष बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि हजारों एकड़ और इतनी महंगी जमीन किसानों से ले लेगी। सरकार उनकी जमीन कैसे एक्वायर करेगी? जब सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने का पैसा नहीं है तो ऐसे में इतनी जमीन एक्वायर कैसे करेंगी? एक्वायर करेंगे तो भूमि धारकों को मुआवजा मिलना चाहिए ये कहने से कि जमीन का री-डेवलवमेंट करके किसानों को जमीन वापस दे देंगे। उससे जमीन का भाव बढ़ जाएगा। इस पर कोई अपनी जमीन देने वाला नहीं है।


पटना से नीतीश कुमार की रिपोर्ट

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