1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 23, 2025, 7:37:12 AM
संघर्ष से सफलता तक — पूर्वी चंपारण के लाल की कहानी - फ़ोटो Google
UPSC success: पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमावर्ती गांव पीठवा के रहने वाले संजीव कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 583वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार व पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
संजीव एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता सुनील कुशवाहा शहर में एक परचून की दुकान चलाते हैं, जबकि माता सुनीता कुमारी एक गृहिणी हैं। संजीव ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इंडियन पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और वर्ष 2017 में ज्ञान ज्योति स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद 2019 में केंद्रीय विद्यालय केशव पुरम, नई दिल्ली से इंटरमीडिएट (साइंस संकाय) में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
स्नातक की पढ़ाई संजीव ने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र विषय में की और 2022 में 72.6 प्रतिशत अंकों के साथ डिग्री प्राप्त की। स्नातक के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में वे मेंस तक पहुंचे लेकिन चयन नहीं हो पाया। उन्होंने हार न मानते हुए तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता पाई। संजीव ने बताया कि वे रोजाना लगभग 10 घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने कुछ कोचिंग संस्थानों की सहायता ली और यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों से भी तैयारी की। वे अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं।
उनकी सफलता से पूरे गांव व प्रखंड क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और लोग उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। संजीव युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी कामयाबी हासिल की है।