मोतिहारी में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों के बीच जमकर चले ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे

मोतिहारी के पंचपकड़ी थाना क्षेत्र के खड़हनिया गांव में बच्चों के पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलने से 6 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें ढाका रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 28 Jan 2026 10:45:02 PM IST

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आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल - फ़ोटो social media

MOTIHARI:  मोतिहारी के पंचपकड़ी थाना क्षेत्र के खड़हनिया गांव में बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद बुधवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले, जिसमें छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को ढाका रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। 


घटना के संबंध में बताया गया है कि 25 जनवरी को गांव के बिलट महतो और उमेश साह के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बच्चों के बीच मारपीट हो गई। इस मामले में उमेश साह ने पंचपकड़ी थाने में मुन्ना महतो सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। मंगलवार को उमेश साह के घर का एक बच्चा स्कूल जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान बिलट महतो के परिजनों ने उसके साथ मारपीट करने का प्रयास किया।


 बच्चा किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच नाराजगी और बढ़ गई। बुधवार की सुबह बिलट महतो अपने अन्य सहयोगियों के साथ उमेश साह के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। इसी बात को लेकर विवाद फिर से भड़क उठा। देखते ही देखते दोनों पक्षों ने अपने-अपने लोगों को इकट्ठा कर लिया और एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ। 


इस हिंसक झड़प में रामकिशोर प्रसाद, अनिल कुमार, यासनी मिया, जोतनारायण, लालधारी प्रसाद, उमेश प्रसाद, अरविंद सिंह, ब्रजकिशोर साह समेत कई लोग घायल हो गए। पत्थरबाजी के दौरान वीरेंद्र साह की एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पताही और पंचपकड़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने कैंप करना शुरू कर दिया है।