1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Wed, 28 Jan 2026 10:37:35 PM IST
पुलिस की बड़ी कार्रवाई - फ़ोटो social media
MUZAFFARPUR: बिहार पुलिस की विशेष शाखा (STF) ने उत्तर बिहार में नक्सली नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के कुख्यात और वांछित नक्सली बच्चा सहनी को एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी रामपुरहरि थाना क्षेत्र में की गई छापामारी के दौरान हुई, जिसने दशकों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस अपराधी के आतंक पर विराम लगा दिया है।
पुलिस की हिट लिस्ट में था शामिल
गिरफ्तार नक्सली बच्चा सहनी, स्वर्गीय योगेंद्र सहनी का पुत्र है और रामपुरहरि थाना अंतर्गत माधोपुर गांव का निवासी है। वह लंबे समय से मुजफ्फरपुर और उसके सीमावर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह दशकों से वांछित था, लेकिन लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। बिहार पुलिस की एसटीएफ टीम को उसके पैतृक क्षेत्र में आने की सटीक सूचना मिली थी, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
बोचहां कांड और UAPA के तहत था वांछित
बच्चा सहनी की गिरफ्तारी मुख्य रूप से बोचहां थाना कांड संख्या 206/14 (दिनांक 26.08.2014) के सिलसिले में हुई है। उस पर न केवल भारतीय दंड विधान (IPC) की गंभीर धाराएं लगी हैं, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत भी मामला दर्ज है।
उस पर दर्ज प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:
IPC की धाराएं: 147, 148, 149 (दंगा), 307 (हत्या का प्रयास), 385, 387 (रंगदारी) और 435 (आगजनी)।
आर्म्स एक्ट: धारा 27 के तहत अवैध हथियारों का उपयोग।
यूएपीए एक्ट: धारा 16, 17 एवं 18 (आतंकवादी कृत्य और साजिश)।
रंगदारी और लेवी का फैला रखा था जाल
बच्चा सहनी इलाके के व्यापारियों और ठेकेदारों के लिए खौफ का पर्याय बना हुआ था। वह संगठन के नाम पर अवैध लेवी (टैक्स) वसूलने और मना करने पर जान से मारने की धमकी देने में माहिर था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र के व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है।
पूछताछ में जुट गई है एसटीएफ
एसटीएफ की टीम वर्तमान में बच्चा सहनी से किसी गोपनीय स्थान पर पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के आधार पर उत्तर बिहार में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों, उनके ठिकानों और भविष्य की साजिशों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे मुजफ्फरपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।