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बिहटा के NSMCH में CME का आयोजन: "BIHAR में हीमोग्लोबिनोपैथी निदान को सुदृढ़ बनाना स्क्रीनिंग से मॉलिक्यूलर टेस्टिंग तक”

नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, बिहटा में बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा हीमोग्लोबिनोपैथी के निदान पर एक दिवसीय सीएमई आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने स्क्रीनिंग से मॉलिक्यूलर परीक्षण तक निदान और आनुवंशिक परामर्श पर जानकारी साझा की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 18, 2026, 6:29:30 PM

बिहार न्यूज

हीमोग्लोबिनोपैथी सीएमई - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिहटा में 18 मार्च 2026 को बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा “बिहार में हीमोग्लोबिनोपैथी के निदान को सुदृढ़ बनाना: स्क्रीनिंग से मॉलिक्यूलर परीक्षण तक विषय पर एक दिवसीय सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) का सफल आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कृष्ण मुरारी, डॉ. रुचि सिन्हा (हेमाटोपैथोलॉजिस्ट, पैथोलॉजी विभाग, एम्स, पटना), प्रो. (डॉ.) कल्पना सिंह (प्रजनन चिकित्सा विभाग, आईजीआईएमएस, पटना), डॉ. मधु सिन्हा (विभागाध्यक्ष, पीएमसीएच, पटना), डॉ. विभा शुशीलेंदु (एसोसिएट प्रोफेसर, ईएसआईसी, पटना),  प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित तथा आयोजन सचिव एवं साइंटिफिक कन्वीनर डॉ. स्वर्णिमा सिंह (सब-डीन एवं लैब डायरेक्टर) सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।


सीएमई के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सत्र प्रस्तुत किए गए। एम्स, पटना की डॉ. रुचि सिन्हा ने “हीमोग्लोबिनोपैथी की प्रयोगशाला जाँच: सीबीसी संकेतों से मॉलिक्यूलर निदान तक” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने हीमोग्लोबिनोपैथी के सटीक निदान में प्रयोगशाला परीक्षणों की भूमिका पर प्रकाश डाला। 


आईजीआईएमएस, पटना की प्रो. (डॉ.) कल्पना सिंह ने “आनुवंशिक परामर्श, प्रसवपूर्व स्क्रीनिंग एवं प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक परीक्षण” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए आनुवंशिक रोगों की रोकथाम एवं समय पर पहचान के महत्व को रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त, संबंधित विषयों पर डॉ. स्वर्णिमा सिंह (लैब डायरेक्टर एवं एसोसिएट प्रोफेसर, NSMCH), प्रो. (डॉ.) अनिमेष गुप्ता (विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा, NSMCH) तथा डॉ. पुष्पराज आनंद (सहायक प्राध्यापक, मेडिसिन विभाग) द्वारा भी वैज्ञानिक व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।


पैनल डिस्कशन सत्र में प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार सिंह (शिशु रोग विशेषज्ञ), डॉ. रनेन्द्र प्रताप सिंह (सहायक प्राध्यापक, पैथोलॉजी), डॉ. प्रशांत कुमार सिंह (सामुदायिक चिकित्सा) एवं डॉ. अभिजीत कुमार (मेडिसिन) ने विषय से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए। इस अवसर पर मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कृष्ण मुरारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की सीएमई एवं कार्यशालाओं के आयोजन के लिए संस्थान निरंतर प्रयासरत रहेगा, ताकि एमबीबीएस, एमडी/एमएस विद्यार्थियों एवं फैकल्टी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। 


प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित ने सीएमई के विषय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसे वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। वही प्रो. (डॉ.) अशोक शरण (डायरेक्टर – एचआर), प्रो. (डॉ.) उदय नारायण सिंह (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट), प्रो. (डॉ.) रंजीत कुमार सिंह (मेडिकल डायरेक्टर), डीन प्रो. (डॉ.) संजय कुमार , प्रो. (डॉ.) अनिता सुनील, विभागाध्यक्ष, बायोकेमिस्ट्री सहित संस्थान के कई वरिष्ठ विभागाध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सीएमई की साइंटिफिक कन्वीनर डॉ. स्वर्णिमा सिंह, सब-डीन एवं लैब डायरेक्टर, NSMCH द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं सफल रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज की।