ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

मुजफ्फरपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: अपहरण और बाल विवाह मामले में मुकेश सहनी को 3 साल की सजा

मुजफ्फरपुर अदालत ने अपहरण और बाल विवाह मामले में आरोपी मुकेश सहनी को दोषी करार देते हुए 3 साल का कारावास और आर्थिक दंड सुनाया। पुलिस ने इसे न्याय की जीत बताया।

बिहार न्यूज
कोर्ट का बड़ा फैसला
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR:मुजफ्फरपुर जिला पुलिस अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने में लगी है। इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। मुजफ्फरपुर की अदालत ने वर्ष 2024 में कटरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए एक अपहरण कांड और बाल विवाह मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी मुकेश सहनी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।


साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर फैसला

मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता साक्ष्यों और गहनता से तैयार की गई चार्जशीट के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को कारावास और आर्थिक दंड (जुर्माना) दोनों से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी मुकेश सहनी को दो अलग-अलग धाराओं और अधिनियमों के तहत सजा सुनाई है। 


1. बी.एन.एस. (BNS) के तहत  अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए आरोपी को 03 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे 06 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

2. बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत: इस कानून के उल्लंघन के लिए आरोपी को 02 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं अदा करने की स्थिति में उसे 03 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।


मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे आम जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और समाज में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस सजा से यह संदेश साफ है कि समाज विरोधी गतिविधियों और विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

संबंधित खबरें