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Bihar News: बिहार में खनिज संपदा की खोज पर सरकार का फोकस, खान एवं भूतत्व विभाग की कार्यशाला में हुआ मंथन

Bihar News: राजधानी पटना में "बिहार में अन्वेषण की संभावनाएं एवं नीलामी योग्य खनिज ब्लॉकों की उपलब्धता" पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें राज्य में मौजूद खनिज संपदा की खोज पर मंथन किया गया.

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पटना में कार्यशाला का आयोजन
© reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार सरकार, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान (GSI) और मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (MECL) के सहयोग से दिनांक 9 मई 2025 को इंदिरा गांधी विज्ञान केंद्र, तारामंडल, पटना में "बिहार में अन्वेषण की संभावनाएं एवं नीलामी योग्य खनिज ब्लॉकों की उपलब्धता" विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 


यह कार्यशाला बिहार के खनिज संसाधनों के जिम्मेदारपूर्ण एवं संधारणीय दोहन, निवेश के अवसरों, और सतत विकास के लिए पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन कोयला एवं खान राज्य मंत्री,  सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री, बिहार सरकार, विजय कुमार सिन्हा उपस्थित रहे। 


उद्घाटन समारोह में अन्य गणमान्य अतिथियों, खनन विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, और सरकारी अधिकारियों की उपस्थिती रही। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार में खनिज संसाधनों जैसे चूना पत्थर, ग्लूकोनाइट, लौह अयस्क, और अन्य मूल्यवान खनिजों की खोज और उनके अन्वेषण की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों में नीलामी के लिए उपलब्ध खनिज ब्लॉकों की जानकारी, निवेश के अवसर, और खनन क्षेत्र में नवीन तकनीकों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। 


कार्यशाला में पर्यावरणीय संतुलन और सतत खनन प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत और तकनीकी पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में खनन उद्योग से जुड़े हितधारक, निवेशक, भूवैज्ञानिक समेत खनन विभाग, बिहार के अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, बिहार के खनन क्षेत्र में रुचि रखने वाले राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल हुए।


बिहार सरकार का यह प्रयास राज्य के खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यशाला बिहार को खनन क्षेत्र में एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने और राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करने में सहायक होगी। साथ ही, यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के साथ खनन गतिविधियों को संतुलित करने की दिशा में नीतिगत ढांचे को मजबूत करेगा।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता