ब्रेकिंग
इंसानियत जिंदा है: सांप को मुंह में लेकर युवक ने दिया CPR, बचा ली जान, देखिये पूरा वीडियोजमुई छेड़खानी कांड पर बोले JDU नेता, 'छिटपुट घटना घटती है…', विपक्ष ने साधा निशानाUPSC Success Story: 3 बार प्रीलिम्स में मिली नाकामी... चौथी कोशिश में हासिल की AIR 28, जानिए कैसे IAS बनीं प्राची हनीकौन है मोतिहारी का वो 'कंस' जो वैश्य नेताओं को खत्म कर रहा ? BJP के पूर्व सांसद का किस बड़े नेता पर है सीधा इशारा....बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा, सियासी गलियारे में हलचल तेजइंसानियत जिंदा है: सांप को मुंह में लेकर युवक ने दिया CPR, बचा ली जान, देखिये पूरा वीडियोजमुई छेड़खानी कांड पर बोले JDU नेता, 'छिटपुट घटना घटती है…', विपक्ष ने साधा निशानाUPSC Success Story: 3 बार प्रीलिम्स में मिली नाकामी... चौथी कोशिश में हासिल की AIR 28, जानिए कैसे IAS बनीं प्राची हनीकौन है मोतिहारी का वो 'कंस' जो वैश्य नेताओं को खत्म कर रहा ? BJP के पूर्व सांसद का किस बड़े नेता पर है सीधा इशारा....बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा, सियासी गलियारे में हलचल तेज

Bihar Vidhanparishad: बिहार विधानपरिषद में फंस गई सरकार, सभापति ने सदन की कमेटी से जांच कराने की घोषणा कर दी..क्या है मामला...

Bihar Vidhanparishad: बिहार विधान परिषद में सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्य साथ खड़े हो गए। इसके बाद सभापति ने विप समिति से जांच कराने का नियमन दिया है.

 Bihar Vidhanparishad,sabaur krishi university, bihar vidhansabha, budget session, private ambulances, 3 MARCH, SAMRAT CHAUDHARY, सम्राट चौधरी, बिहार का बजट, 28 february, बिहार विधानसभा में क्या हो रह
© SELF
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar Vidhanparishad: बिहार विधान परिषद में आज भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा उठा. जांच के नाम पर खेल किए जाने को लेकर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने सरकार को गेर लिया. अंत में सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विधानपरिषद की कमेटी से जांच कराने की घोषणा की. तब जाकर सदस्य शांत हुए. मामला कृषि विभाग से जुड़ा है. 

सबौर कृषि विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है. आज विधान परिषद में यह मामला उठा. विश्वविद्यालय के कुलपति पर सवाल खड़े किए गए. सवाल उठाया गया कि सबौर कृषि विश्वविद्यालय में नामांकन और नियुक्ति में घोटाला किया गया है. आरक्षण के नियमों की अनदेखी की गई है. राज्य के बाहरी व्यक्ति को आरक्षण का लाभ दिया गया है . जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार से लेकर गुलाम गौस समेत विपक्ष के भी कई सदस्यों ने अपनी बात रखी. 

जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने इस सवाल पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि विभाग खुद स्वीकार कर रहा है कि कई परिवार पत्र प्राप्त हुए हैं. इसकी जांच के लिए विभाग स्तर पर समिति का गठन किया गया है. हम सभापति के माध्यम से मंत्री जी से जानना चाहते हैं, अपने समिति का गठन कर दिया, जांच कब तक होगी? इसकी कोई समय सीमा तय है?  सवाल की गंभीरता को भांपते हुए विप के सभापति ने नियम दिया कि पूरे मामले की सदन की कमेटी से जांच कराई जाएगी. इस घोषणा का सभी सदस्यों ने स्वागत किया. 


रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता