मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार गोपालगंज पुलिस ने पशु तस्कर गिरोह का किया भंडाफोड़, सात गिरफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर
04-Apr-2023 04:23 PM
By FIRST BIHAR EXCLUSIVE
PATNA: बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ में रामनवनी के मौके पर हुए दंगों को लेकर कौन सच बोल रहा है. बिहार सरकार या सत्तारूढ़ पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह. दरअसल ललन सिंह ने मंगलवार को ये दावा किया कि सासाराम और बिहारशरीफ में जो कुछ हुआ उसे राज्य सरकार ने 8 घंटे में नियंत्रित कर दिया. उधर राज्य सरकार औऱ पुलिस दोनों का कहना है कि सासाराम औऱ बिहारशरीफ में दो दिनों तक उपद्रव होता रहा. लिहाजा सवाल ये है कि सरकार झूठ बोल रही है या ललन सिंह?
ललन सिंह का दावा-8 घंटे में रूक गया दंगा
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सासाराम और बिहारशरीफ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन हमारी सरकार ने उसको मात्र 8 घंटे में नियंत्रित कर दिया. ललन सिंह ने कहा कि इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के लोगों की ओर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि रामनवमी की शोभा यात्रा में कुछ शरारती तत्व घुस जाते हैं, जो कि माहौल बिगाड़ने का काम करते हैं. इसके कारण ही ऐसी घटना हुई. अब किसी को भी इसे दोहराने का मौका नहीं दिया जाएगा।
अब सरकार का दावा जानिये
सोमवार को राज्य सरकार ने बिहारशरीफ और सासाराम को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया था. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बिहारशरीफ में 31 मार्च को उपद्रव शुरू हुआ, जिसमें पत्थरबाजी से लेकर गोलीबारी हुई. फिर 1 अप्रैल को भी रोड़ेबाजी से लेकर गोलीबारी हुई. बिहारशरीफ में दंगे को लेकर कुल 15 केस दर्ज किये गये. वहीं सासाराम को लेकर भी सरकारी बयान में कहा गया है कि 30 मार्च की देर रात विवाद शुरू हुआ. फिर 31 मार्च को भी उपद्रव हुआ. सासाराम में 1 अप्रैल को बम विस्फोट भी हुआ था. हालांकि सरकार कह रही है कि बम विस्फोट की घटना का रामनवमी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. फिर भी सासाराम में भी दो दिनों तक उपद्रव हुआ. जबकि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कह रहे हैं कि 8 घंटे में सब नियंत्रित कर लिया गया।
भीड़ नहीं जुटी इसलिए सासाराम नहीं गये अमित शाह
इस बीच 2 अप्रैल को सासाराम में अमित शाह का कार्यक्रम था. बीजेपी का आरोप है कि सरकार और प्रशासन ने अमित शाह की सभा नहीं होने दिया. सासाराम में धारा 144 लगने के कारण केंद्रीय गृह मंत्री की सभा नहीं हुई. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने अलग ही दावा किया. उन्होंने कहा कि अमित शाह की सभा नहीं होने के लिए राज्य सरकार नहीं बल्कि खुद बीजेपी वाले ही जिम्मेदार है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने गृहमंत्री की सभा इसलिए रद्द कर दी, क्योंकि वे भीड़ नहीं जुटा पाए थे.ललन सिंह ने राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता रद्द करने पर भी बीजेपी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि देश में पहला उदाहरण है कि इस तरह के मामले में किसी को 2 साल की सजा दी गई है.कर्नाटक के मामलों को गुजरात ले जाया गया. लेकिन देश के लोग जागरूक हैं और वे जानते हैं कि कौन क्या कर रहा है।