मोतिहारी में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों के बीच जमकर चले ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे मुजफ्फरपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, 10 साल से फरार खूंखार नक्सली बच्चा सहनी गिरफ्तार बिहार में अपराधी बेलगाम: बाइक लूट का विरोध करने पर युवक को मारी गोली, हालत गंभीर बेतिया में किशोर की चाकू मारकर हत्या, दोस्तों के साथ गया था घूमने बिहार में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त, 3 धंधेबाज फरार Gaya Naxal News: CRFP को मिली बड़ी कामयाबी, जंगल की गुफा से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 9 दिन में ही नपे नगर थानेदार, अनुज कुमार को मिली कमान अवैध संबंधों का विरोध करना पड़ गया भारी, पति ने गोली मारकर की पत्नी की हत्या Bihar News: मिथिलांचल के सपनों को मिली उड़ान, नीतीश कुमार के नेतृत्व में मधुबनी को मिला ऐतिहासिक पैकेज -JDU महासचिव NEET छात्रा मौत मामला: मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला पहुंचीं जहानाबाद, हॉस्टल वार्डन और संचालक से पूछताछ की मांग
13-Oct-2023 07:48 AM
By First Bihar
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर हज़ारों का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने 6 नवंबर के पूर्व जुर्माना राशि को पटना हाई कोर्ट लीगल सर्विस कमेटी में जमा करने का आदेश दिया है। यह आदेश हत्या मामले के अनुसंधान में लापरवाही बरतने को लेकर में दायर अर्जी पर राज्य सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दायर नहीं किये जाने पर दिया गया है। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने मन्ति देवी की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस जुर्माना राशि की वसूली दोषी कर्मी से करने का आदेश दिया है।
दरसअल, एक हत्या मामले के अनुसंधान में लापरवाही को लेकर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह माह पहले जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था। लेकिन, छह महीने बीते जाने के बाद भी अभी तक राज्य सरकार ने हलफनामा नहीं दायर किया था। उसके बाद अब इसको लेकर कोर्ट ने राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया है। राज्य सरकार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं, इस मामले में अधिवक्ता अंजनी पराशर ने कोर्ट को बताया कि एक वर्ष पूर्व हुई हत्या में पुलिस ने अब तक पुन: बयान नहीं लिया है। उनका कहना था कि पुलिस इस मामले में सोई हुई है। यही नहीं कोर्ट ने छह माह पूर्व जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इसके बावजूद जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। कोर्ट ने सारण के एसपी को दो सप्ताह के भीतर अपने स्तर से समीक्षा कर तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।
उधर, कोर्ट ने इस केस के आईओ और पर्यवेक्षण अधिकारी की भूमिका के बारे में भी पूरी जानकारी देने का आदेश दिया। कोर्ट ने छह माह पूर्व जवाबी हलफनामा दायर करने के आदेश का पालन नहीं किये जाने पर राज्य सरकार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने सरकार को दोषी अधिकारियों से जुर्माना राशि वसूलने की छूट दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 6 नवम्बर 2023 को होगी।