चनपटिया में गिरफ्तारी के दौरान बवाल, ग्रामीणों ने पुलिस को बनाया बंधक, गाड़ी में की तोड़फोड़ अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 400 की मौत 250 घायल, तालिबान का आरोप-पाकिस्तान ने बम गिराए तेज प्रताप यादव की पार्टी JJD में मिसेज इंडिया रनर-अप हुईं शामिल, कौन हैं मोनिका मनी जानिये? मुजफ्फरपुर: पारू थाना की महिला सिपाही की संदिग्ध मौत, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, पति हिरासत में अरवल में शिक्षक ने उठा लिया बड़ा कदम, इलाके में शोक की लहर Fake Currency Racket: नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, 6.44 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार महिला एंकर ने डिप्टी सीएम को मुख्यमंत्री कह दिया, 'स्लिप ऑफ टंग' से बिहार की सियासत गर्म Bihar News: मोतिहारी में मार्च लूट की तैयारी ! स्पोर्ट्स सामाग्री की सप्लाई हुई नहीं और पैसा निकासी की चल रही तैयारी..धड़ाधड़ काटे जा रहे... Bihar News: भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता का बंगाल से लेकर नेपाल तक जमीन-मकान, पेट्रोल पंप से लेकर जमीन के 17 पेपर, गाड़ी अपनी और भाड़ा सरकारी खजाने से... कागज पूरे, e-KYC भी हो गई… फिर भी नहीं मिली किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त? जानिए क्या करें
29-Jun-2020 02:12 PM
PATNA: बिहार की सियासत के चाचा-भतीजा आखिरकार आज एक साथ बैठ ही गये. बात नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की हो रही है. बिहार के सचिवालय में दोनों एक घंटे के लिए साथ-साथ बैठे. चाय-पानी भी हुआ लेकिन कोई सियासी बात नहीं हुई.
क्यों साथ बैठे नीतीश और तेजस्वी
दरअसल बिहार सरकार ने आज राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए बैठक बुलायी थी. मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर चयन के लिए जो कमेटी फैसला लेती है उसमें मुख्यमंत्री के साथ साथ नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति भी सदस्य होते हैं. बिहार सरकार ने आज मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर चयन के लिए बैठक बुलायी तो उसमें नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के साथ साथ विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह भी मौजूद थे.
बिहार के सचिवालय में ये बैठक हुई. बंद कमरे में तमाम नेताओं के बीच मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष चुनने पर चर्चा हुई. हम आपको बता दें कि मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष चुनने के लिए बिहार सरकार ने पिछले साल भी बैठक बुलायी थी लेकिन उसमें तेजस्वी यादव शामिल होने नहीं पहुंचे थे. उस बैठक में विधान परिषद में विपक्ष के नेता के तौर पर राबडी देवी शामिल हुई थीं.
चार साल से खाली पड़ा है अध्यक्ष का पद
बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष पद चार सालों से खाड़ी पड़ा है. सरकार कार्यवाहक अध्यक्ष बना कर काम चला रही है. बिहार मानवाधिकार आयोग के आखिरी स्थायी अध्यक्ष जस्टिस बिलाल नाजकी थे. उन्होंने 2016 में इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद से आयोग के स्थायी अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है. सरकार कार्यकारी व्यवस्था के तहत काम चला रही है. पहले जस्टिस मंधाता सिंह को मानवाधिकार आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया . उनके रिटायर करने के बाद जस्टिस उज्जवल कुमार दूबे को आयोग का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.