ब्रेकिंग न्यूज़

मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार गोपालगंज पुलिस ने पशु तस्कर गिरोह का किया भंडाफोड़, सात गिरफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर

Home / news / मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड : साकेत कोर्ट में दोषियों की सजा पर बहस...

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड : साकेत कोर्ट में दोषियों की सजा पर बहस शुरू, सीबीआई ने उम्र कैद की सजा की मांग की

04-Feb-2020 12:01 PM

DELHI: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में दोषियों की सजा को लेकर दिल्ली के साकेत कोर्ट में बहस शुरू हो गई है. सुनवाई शुरू होने के साथ ही सीबीआई ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को उम्र कैद की सजा देने की मांग कोर्ट के सामने रखी है. ब्रजेश ठाकुर सहित शेल्टर होम कांड के 19 आरोपियों को साकेत कोर्ट पहले ही दोषी करार चुकी है अब सजा पर बहस के बाद कोर्ट इसका ऐलान करेगा. 


आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में 40 नाबालिग बच्चियों और लड़कियों से रेप और यौन शोषण होने की बात सामने आई थी. आरोप है कि जिस शेल्टर होम में बच्चियों के साथ रेप हुआ था, वो ब्रजेश ठाकुर का है. पूरे केस का खुलासा होने के बाद मेडिकल टेस्ट में करीब 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी. सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें नशीली दवा देने के साथ मारा-पीटा जाता था, फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया जाता था. 


इस मामले में ब्रजेश ठाकुर के अलावा शेल्टर होम के कर्मचारी और बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी आरोपी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल फरवरी में इस मामले को बिहार से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था, जिसके बाद साकेत कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है.