ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar news : NEET छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस : डीएनए जांच से खुलेगा राज, 40 लोगों के नमूने लिये गए; इस दिन तक रिपोर्ट आने की संभावना Bihar Job News : बिहार में आठवीं पास को मिलेगा कंडक्टर लाइसेंस, परिवहन विभाग का बड़ा आदेश लागू Bihar weather news : पश्चिमी विक्षोभ का असर: बिहार में ठंड बरकरार, 28 जनवरी को बारिश का अलर्ट छपरा में अपराधी बेलगाम: CSP की शाखा से 1.24 लाख रुपये की लूट, एक गिरफ्तार विजय सिन्हा की मुलाकात के बाद मीडिया के सामने आईं नीट छात्रा की मां, बोलीं..रौशनी मेरी बेटी बनी थी और मुझे मां कहा था दरभंगा को मिलेगी विकास की बड़ी सौगात, सीएम नीतीश करेंगे 90 योजनाओं का उद्घाटन–शिलान्यास BIHAR: डुमरी पंचायत की 80% महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, रोजगार से बदली गांव की तस्वीर कौवों की मौत पर बर्ड फ्लू की आशंका खारिज, कोलकाता लैब रिपोर्ट ने किया साफ Bihar News: जेडीयू के पूर्व MP की ऐसी बेइज्जती ? थाने में गए पर पुलिसवालों ने कुर्सी तक नहीं छोड़ी...दारोगाजी बैठे रहे और सामने 'नेताजी' खड़े रहे मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना: 909 नए पुलों से जुड़ेंगे बिहार के गांव, बदलेगी गांव की तस्वीर

क्या है इम्यूनिटी पासपोर्ट का कोरोना कनेक्शन? इसे लेकर WHO ने क्यों दी चेतावनी

क्या है इम्यूनिटी पासपोर्ट का कोरोना कनेक्शन? इसे लेकर WHO ने क्यों दी चेतावनी

30-May-2020 01:53 PM

DESK : कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. भारत में भी इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. इस वायरस को लेकर लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं. इस तरह के हालात का कभी सामना करना होगा शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा. इस बीमारी ने एक तरह से पुरे विश्व में ताला-बंदी करवा दिया है, जिसकी वजह से विश्व अर्थव्यस्था चौपट हो गई है. विश्व के ज्यादातर देशों ने लगभग डेढ़ से दो महीने की लॉक डाउन की घोषणा की थी, जिसे अब  धिरे-धीरे खोला जा रहा है और लोग अब अपने काम पर लौट रहे हैं. इन सब के बीच कई देशों में इम्यूनिटी पासपोर्ट को लेकर चर्चा हो रही है. कोरोना काल में ये “इम्यूनिटी पासपोर्ट” क्या है, आइये इसके बारे में जानते हैं :-    

इम्यूनिटी पासपोर्ट क्या है ?

आम तौर पर देखा गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति दोबारा इस वायरस से संक्रमित नहीं होता है. ऐसे में कुछ देश उन व्यक्तियों को “इम्यूनिटी पासपोर्ट” या सर्टिफिकेट देने की व्यस्था को अपनाने की मांग कर रहे है. ये सर्टिफिकेट प्रमाणित करेगा की वो व्यक्ति कोरोना संक्रमण के खिलाफ इम्यूनिटी रखने वाला है. मतलब कि जिस व्यक्ति के पास ‘इम्यूनिटी पासपोर्ट’ है उसका शरीर कोरोना से लड़ाई लड़ चूका है और पूरी तरह से ठीक हो चूका है, इसलिए ये इंसान कोरोना नहीं फैला सकता. लिहाजा वे ट्रैवल करने या काम पर वापस लौटने में सक्षम हैं. विषाणु विज्ञानी उपासना रे का कहना है कि इम्यूनिटी पासपोर्ट इस बात का प्रमाणपत्र है कि कोई व्यक्ति कोविड-19 के खिलाफ इम्यूनिटी की क्षमता रखता है या नहीं.

इम्यूनिटी पासपोर्ट पर WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि सरकारों को कथित “इम्यूनिटी पासपोर्ट” या “रिस्क फ्री सर्टिफिकेट” पर इतना भरोसा नहीं करना चाहिए. WHO कि माने तो इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि, लोगों में संक्रमण ठीक होने के बाद एंटीबॉडी विकसित हो गए हैं उन्हें दोबारा संक्रमण नहीं होगा और वे कोविड-19 से सुरक्षित हैं. संगठन ने चेताया है कि इस तरह के कदम वायरस के संक्रमण को बढ़ाने वाले हो सकते हैं. लोगों को लगेगा कि वे इम्यून हो गए हैं यानी रीइन्फेक्शन से सुरक्षित हैं, लिहाजा  वे एहतियात बरतना बंद कर देंगे. ऐसे में इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है.

DESK : कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. भारत में भी इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. इस वायरस को लेकर लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं. इस तरह के हालात का कभी सामना करना होगा शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा. इस बीमारी ने एक तरह से पुरे विश्व में ताला-बंदी करवा दिया है, जिसकी वजह से विश्व अर्थव्यस्था चौपट हो गई है. विश्व के ज्यादातर देशों ने लगभग डेढ़ से दो महीने की लॉक डाउन की घोषणा की थी, जिसे अब  धिरे-धीरे खोला जा रहा है और लोग अब अपने काम पर लौट रहे हैं. इन सब के बीच कई देशों में इम्यूनिटी पासपोर्ट को लेकर चर्चा हो रही है. कोरोना काल में ये “इम्यूनिटी पासपोर्ट” क्या है, आइये इसके बारे में जानते हैं :-    

इम्यूनिटी पासपोर्ट क्या है ?

आम तौर पर देखा गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति दोबारा इस वायरस से संक्रमित नहीं होता है. ऐसे में कुछ देश उन व्यक्तियों को “इम्यूनिटी पासपोर्ट” या सर्टिफिकेट देने की व्यस्था को अपनाने की मांग कर रहे है. ये सर्टिफिकेट प्रमाणित करेगा की वो व्यक्ति कोरोना संक्रमण के खिलाफ इम्यूनिटी रखने वाला है. मतलब कि जिस व्यक्ति के पास ‘इम्यूनिटी पासपोर्ट’ है उसका शरीर कोरोना से लड़ाई लड़ चूका है और पूरी तरह से ठीक हो चूका है, इसलिए ये इंसान कोरोना नहीं फैला सकता. लिहाजा वे ट्रैवल करने या काम पर वापस लौटने में सक्षम हैं. विषाणु विज्ञानी उपासना रे का कहना है कि इम्यूनिटी पासपोर्ट इस बात का प्रमाणपत्र है कि कोई व्यक्ति कोविड-19 के खिलाफ इम्यूनिटी की क्षमता रखता है या नहीं.

इम्यूनिटी पासपोर्ट पर WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि सरकारों को कथित “इम्यूनिटी पासपोर्ट” या “रिस्क फ्री सर्टिफिकेट” पर इतना भरोसा नहीं करना चाहिए. WHO कि माने तो इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि, लोगों में संक्रमण ठीक होने के बाद एंटीबॉडी विकसित हो गए हैं उन्हें दोबारा संक्रमण नहीं होगा और वे कोविड-19 से सुरक्षित हैं. संगठन ने चेताया है कि इस तरह के कदम वायरस के संक्रमण को बढ़ाने वाले हो सकते हैं. लोगों को लगेगा कि वे इम्यून हो गए हैं यानी रीइन्फेक्शन से सुरक्षित हैं, लिहाजा  वे एहतियात बरतना बंद कर देंगे. ऐसे में इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है.