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₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना आज से लागू, लाल किले से PM MODI का बड़ा ऐलान

PM MODI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से पीएम विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की। 1 लाख करोड़ की इस योजना से 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार और पहली नौकरी पर 15,000 रुपये मिलेंगे..

PM MODI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
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PM MODI: 79वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) की शुरुआत की है। 99,446 करोड़ रुपये की इस योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना है, जिसमें 1.92 करोड़ लोग पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे। योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी जो दो किश्तों में उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए ट्रांसफर होगी। पीएम मोदी ने कहा, “यह योजना युवाओं को आर्थिक मजबूती और स्किल डेवलपमेंट का अवसर देगी, ताकि वे 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करें।”


योजना दो हिस्सों में बंटी है: भाग A पहली बार नौकरी करने वालों के लिए और भाग B नियोक्ताओं के लिए। भाग A के तहत, EPFO में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को, जिनकी मासिक सैलरी 1 लाख रुपये तक है, 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। पहली किश्त 6 महीने की नौकरी के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा व वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर दी जाएगी। राशि का एक हिस्सा बचत साधन में जमा होगा, ताकि युवाओं में वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिले। भाग B में, नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 3,000 रुपये प्रति माह तक की सब्सिडी मिलेगी, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तीसरे और चौथे वर्ष तक बढ़ाई जाएगी। 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम से कम 2 और 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को 5 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।


इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। नियोक्ता EPFO पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) के जरिए कर्मचारी की सैलरी और जॉइनिंग डिटेल्स जमा करेंगे। कर्मचारी का UAN नंबर, आधार और NPCI से लिंक्ड बैंक खाता होना जरूरी है। योजना का विशेष फोकस MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, जो संगठित क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देगा। हालांकि, गलत जानकारी देने पर न कर्मचारी को बोनस मिलेगा, न ही नियोक्ता को सब्सिडी। यह योजना औपचारिक श्रम बाजार को विस्तार देगी और आर्थिक असमानता को कम करने में मदद करेगी।


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गरीबी के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं जानता हूं गरीबी क्या होती है। इसलिए सरकार को फाइलों में नहीं, लोगों की जिंदगी में होना चाहिए।” उन्होंने लखपति दीदी और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जो लाखों लोगों को सशक्त बना रही हैं। इसके साथ ही, उन्होंने दिवाली 2025 तक जीएसटी रिफॉर्म लाने की घोषणा की, जिसमें जीएसटी दरों की समीक्षा कर टैक्स को सरल और कम किया जाएगा। यह योजना न केवल युवाओं को रोजगार देगी, बल्कि भारत के ‘विकसित राष्ट्र’ बनने के सपने को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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