1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Aug 15, 2025, 8:33:08 AM
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Bihar News: बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक कर्मचारी से हथियार के बल पर हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना 3 जुलाई 2025 को उस समय घटी जब बैंक कर्मचारी कौशल कुमार, नवहट्टा बाजार स्थित एक सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) में जमा की गई ऋण किस्तों की राशि लेकर बैंक लौट रहे थे। उसी दौरान बाइक सवार अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और बंदूक की नोक पर नगद राशि लूट कर फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर 5 जुलाई को केस दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और आसूचना इकाई की मदद से पुलिस ने मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के चित्ती गांव निवासी पप्पू कुमार पाल उर्फ प्रभुशंकर पाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान के साथ ही उसके आपराधिक इतिहास का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, पप्पू पाल के खिलाफ सहरसा और सुपौल जिलों के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल हैं। मामले में प्रयुक्त मोटरसाइकिल पहले ही पुलिस द्वारा जब्त की जा चुकी थी, जिससे अपराधियों की पहचान और लोकेशन ट्रैक करने में मदद मिली।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए मधेपुरा, सुपौल और सीमावर्ती इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच टीम में नवहट्टा थानाध्यक्ष ज्ञानरंजन कुमार, , पुलिस पदाधिकारी रोशन कुमार और संजीव कुमार, जिला आसूचना इकाई के अधिकारी और विशेष सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि लूटकांड में शामिल बाकी अपराधियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बैंक कर्मचारियों को लूट का निशाना बनाने की यह वारदात सुरक्षा व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन पुलिस की तेज़ और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई ने इसे सुलझा लिया। यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के प्रति आम जनता का भरोसा बढ़ाती है, बल्कि अपराधियों के लिए भी एक सख्त संदेश है।