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Bihar News: गांधी मैदान से CM नीतीश का ऐलान- बताई अपनी प्राथमिकता, पूर्व की सरकार पर भी साधा निशाना

स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने झंडोत्तोलन किया, कानून-व्यवस्था सुधार, शिक्षा, रोजगार और पुलिस भर्ती पर उपलब्धियां गिनाईं।

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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में झंडोत्तोलन किया और परेड की सलामी ली. इस बाद बिहारवासियों को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने 2005 से अब तक किए गए कामों को गिनाया,साथ ही पूरेव की लालू-राबड़ी सरकार पर प्रहार भी किया.

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.  24 नवंबर 2005 को हमारी सरकार बनी थी. सर्वप्रथम राज्य में कानून व्यवस्था को ठीक किया गया. राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराध नियंत्रण एवं विधि व्यवस्था संधारण के लिए सभी आयामों पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया है. वर्ष 2005 में पुलिस बल की संख्या मात्र 42 481 थी ,यह जरूर के हिसाब से बहुत कम संख्या थी. इसलिए हमने शुरू से ही पुलिस बल की संख्या को बढ़ाने पर जोर दिया. पुलिस की संख्या बढ़कर 110000 हो गई है. 2023 में पुलिस बल की संख्या  2 लाख 29 हजार तय किया गया. इसके लिए काम शुरू है .अभी पुलिस की संख्या 131000 हो गई है .हमने कहा है कि बहुत तेजी से बहाली का काम करिए. राज्य में वर्ष 2005 की तुलना में हत्या लूट अपहरण की घटना में काफी कमी आई है. अब किसी प्रकार काडर एवं भय का वातावरण नहीं है.लोग देर रात तक बाजार हाट का काम कर रहे हैं, लोग बिना डर के हर जगह आ जा रहे हैं .

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया. जब हम लोगों की सरकार बनी उसके पहले क्या हाल था, पहले बहुत कम स्कूल था, शिक्षकों की काफी कमी थी. जिसके कारण स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती थी. बड़ी संख्या में हमने नए स्कूल खोले और नियोजित शिक्षकों की बहाली की. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लड़के लड़कियों के लिए पोशाक एवं साइकिल योजना चलाई गई.

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 258000 सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई. नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया गया. 58000 नियोजित शिक्षक बच गए हैं, उनके लिए फिर से परीक्षा ली जा रही है. दो बार और परीक्षा ली जाएगी .दोनों शिक्षकों को मिलाकर 512000 शिक्षकों की संख्या हो गई है.

अगले पांच वर्ष युवाओं को नौकरी और रोजगार देंगे, हमने यह तय कर लिया है. सरकारी नौकरियों में हमने महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण दिया. अब पुलिस में महिलाओं की संख्या काफी हो गई है. 

पहले हिंदु-मुस्लिम दंगा होता था. इसलिए हमने कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई. अब झगड़ा झंझट नहीं होता था. मंदिरों की भी घेराबंदी कराई जा रही है. सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है, सबके लिए काम किया है. मुस्लिम समुदाय के लिए हमने काफी काम किया है. मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई है, मदरसा शिक्षकों को अन्य शिक्षकों के बारबर वेतन दिया जा रहा है. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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