Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह? Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह? BIHAR CRIME: महिला को पिस्टल दिखाते बेगूसराय का वीडियो वायरल, युवक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज SUCCESS STORY: कौन हैं थान्या नाथन? बचपन से 100% ब्लाइंड, फिर भी बन गईं राज्य की पहली महिला जज; जानें मधुबनी में अवैध दवा कारोबार पर छापा, सूखे नशे के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई Bihar Crime News: पथ निर्माण विभाग का क्लर्क निकला किडनैपर, मामला जानकर हैरान रह जाएंगे Bihar Crime News: पथ निर्माण विभाग का क्लर्क निकला किडनैपर, मामला जानकर हैरान रह जाएंगे Pawan Singh Jyoti Singh: कोर्ट में पेश हुईं एक्टर पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह, पावर स्टार क्यों नहीं पहुंचे? Pawan Singh Jyoti Singh: कोर्ट में पेश हुईं एक्टर पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह, पावर स्टार क्यों नहीं पहुंचे? BIHAR: रोहतास में महिला की संदिग्ध मौत, गला दबाकर हत्या का आरोप
03-Jun-2023 12:47 PM
By First Bihar
PATNA : बिहार में अफसरशाही का नजारा कई बार देखने को मिलता है। इसको लेकर विपक्षी दलों के तरफ से यह सवाल भी किया जाता है कि, नीतीश कुमार की सरकार में अधिकारी के ही इशारों पर निर्णय लिया जता है। ऐसे में इन तमाम चर्चाओं के बीच एक अहम जानकारी निकल कर सामने आई है। राज्य के एक IAS अधिकारी ने एक फोर्थ ग्रेड कर्मी को मोबाइल पर बात करने के ममाले में सजा सुनाते हुए सस्पेंड कर किशनगंज भेज दिया गया था। अब इस IAS अधिकारी के आदेश पर रोक लगा दिया गया है।
दरअसल, उद्योग विभाग के फोर्थ ग्रेड के सरकारी कर्मचारी रवि कुमार को विभाग के सचिव संदीप पौंड्रिक ने सस्पेंड कर दिया गया था। ग्रुप डी कर्मी की गलती महज इतनी है कि वो विभाग के सचिव के सामने फोन पर बात कर रहा था। इससे सचिव इस कदर नाराज हो गए कि कर्मचारी को पटना से सीधे बिहार की सीमा पर स्थित किशनगंज भेज दिया।
इसके बाद अब इस ममाले में अब इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है। इस आदेश में यह कहा गया है कि, - चतुर्थ वर्गीय (GROUP D) कर्मचारी अल्प वेतन भोगी हैं। ऐसे में इन लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण (ट्रांसफर) करने से काफी असुविधा होती है। नए स्थान पर इनके सामने आवास मतलब रहने की भी कठिन समस्या आ जाती है। ऐसे में इन लोगों को विशेष प्रशासनिक कारणों को छोड़कर पद समाप्त होने तक एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण(ट्रांसफर ) नहीं किया जाए।
इसके साथ ही आदेश में यह भी साफ़ तौर पर कहा गया है कि,यदि ग्रुप डी के कर्मचारी वे सचिवालय में कार्यरत हैं तो वे सचिवालय में ही काम करेंगे। यह आदेश राज्य के अलग - अलग अनुमंडल तथा प्रखंड में कार्यरत ग्रुप डी कर्मचारियों पर भी लागू होगी। हालांकि, स्वास्थ्य अथवा खुद की मर्जी के आधार पर स्थानान्तरण (ट्रांसफर) की जा सकेगी।
वहीं, इस पहले 17 मई को आदेश निकाल कर उद्योग विभाग के फोर्थ ग्रेड के सरकारी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया था। उद्योग निदेशालय निदेशक के हस्ताक्षार से जारी हुए आदेश में कहा गया था कि- रवि कुमार ऑफिस टाइम में मोबाइल पर बात करते हुए पाए गए। रवि कुमार का काम बिहार आचार नियमावली 1976 के नियम-3(1) का उल्लंघन है। इसलिए रवि कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
बताया जाता है कि,रवि कुमार फोन पर बात करते हुए ऑफिस की सीढ़ियों से उतर रहे थे। इसी दौरान उद्योग विभाग के सचिव संदीप पौंडरिक गुजर रहे थे। इनको देखकर रवि कुमार ने फोन नहीं काटा और वो फोन पर बात करता हुआ सीढ़ियों से उतर गया। जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया था।
आपको बताते चलें कि, सामान्य प्रशासन विभाग सीएम नीतीश के अंदर आता है। ऐसे में अब कहा जा रहा है कि सीएम ने खुद इस मामले में अपनी रुचि दिखाई है। इस लिहाजा आईएएस के आदेश पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। हालांकि, विभाग के आदेश में यह साफ़ कहा गया है कि कोई भी ग्रुप डी के कर्मचारी का ट्रांसफ़र दूसरे जिले में नहीं किया जा सकता है।