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21-Mar-2024 01:01 PM
By First Bihar
DELHI : मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के मुद्दे पर केंद्र सरकार को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस चरण में आकर नियुक्ति पर रोक लगाने से ना सिर्फ लोकसभा चुनावों पर असर होगा बल्कि इससे अराजकता भी पैदा होगी।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल किया कि आखिरकार इतनी जल्दबाजी में चुनाव आयोग की नियुक्ति क्यों की गई?सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह चुने गए चुनाव आयुक्तों की योग्यता पर सवाल नहीं उठा रहा है, बल्कि उस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है जिसके तहत चयन किया गया। कोर्ट ने इस मामले पर 6 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
वहीं, कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि संसद से पास हुए कानून के तहत चुनाव आयुक्तों का चयन हुआ है। हम अंतरिम आदेश से कानून पर रोक नहीं लगाएंगे। चुनाव के बीच में आयोग के काम को प्रभावित करना ठीक नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया कि चयन कमिटी की मीटिंग को 15 मार्च से बदल कर 14 मार्च कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर अपना मन लगाने के लिए चयन समिति को अधिक समय दिया जाना चाहिए था। चयन समिति को अधिकारियों की पृष्ठभूमि समझने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए।
उधर, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं से उस आरोप पर नया आवेदन देने को कहा, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बैठक पहले ही आयोजित करा ली गई थी।