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02-Jul-2020 03:41 PM
By saif ali
MUNGER : मुंगेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराध की योजना बना रहे सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किया है.
इस बारे में पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि कासिम बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत संदलपुर गांव में कुछ अपराधी जमा हुए हैं. जिसके बाद सदर एएसपी के नेतृत्व में दो छापेमारी दल का गठन किया गया और कार्रवाई करते हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार अपराधियों में मनोज यादव, कन्हैया यादव, राजू मंडल, छोटू चौधरी, रंजन कुमार, हेमंत सिंह और बंटी कुमार शामिल हैं. उनके पास से बारह बोर की एक दोनाली मास्केट, 5 देशी पिस्तौल, 1 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद किया गया. इसके अलावा बंदूक में इस्तेमाल होने वाली 12 बोर की बारह, .315 बोर की 11 गोलियां, और 7.65 बोर की चार गोलियां बरामद की गई हैं.
पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे. पूछताछ में पता चला है कि किसी जमीन पर कब्जे के लिए एक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी. अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे लेकिन इससे पहले ही पुलिस द्वारा इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
जमीन पर कब्जे का मास्टरमाइंड है मनोज यादव
पुलिस द्वारा गिरफ्तार छोटी संदलपुर निवासी मनोज यादव जमीन पर कब्जे के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड है. मनोज यादव ने पूछताछ में यह कबूल किया है कि मुंगेर शहर के कई विवादित जमीन को जबरन औने-पौने दाम पर खरीद कर उसे ऊंचे दाम पर बेचने का धंधा करता था. विवादित जमीन पर कब्जा तथा विवादित जमीन की जबरन रजिस्ट्री कराने के लिए इसने कई गुर्गे पाल रखे थे. इसके गैंग में 20 से ज्यादा अपराधी शामिल हैं. इसके गैंग में शामिल गुर्गे मनोज यादव के इशारे पर विवादित जमीन पर कब्जा के लिए हमेशा एकत्र होते थे. जब भी मनोज यादव को किसी जमीन पर कब्जा करना होता था या किसी दूसरे की जमीन को औने-पौने दाम में रजिस्ट्री करानी होती थी, तब यह अपने गुर्गों का इस्तेमाल करता था. इसने अपने गैंग में शामिल सभी गुर्गों को हथियार भी दे रखा था तथा जब भी आवश्यकता होती थी, इसके गुर्गे हथियार लेकर पहुंच जाते थे और फायरिंग करने तक से भी परहेज नहीं करते थे. जनवरी महीने में मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पांच नंबर गुमटी के पास भी जमीन के एक बड़े भूखंड पर कब्जा कायम रखने के लिए इसने फायरिंग भी की थी. पांच नंबर गुमटी के पास हुई फायरिंग का मुख्य मास्टरमाइंड मनोज यादव ही था. पूछताछ के क्रम में कई विवादित भूखंडों पर कब्जा जमाने के बारे में जानकारियां मिली हैं. उन सभी भूखंडों के बारे में जानकारियां एकत्र की जा रही हैं.
मनोज यादव ने पूछताछ के दौरान कई भूखंडों को खरीदने या कब्जा करने की बात स्वीकार की है. लिहाजा पुलिस टीम आय से अधिक संपत्ति के बिंदु पर भी इसकी गहनता से जांच करेगी. पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि मनोज यादव और उसके परिजनों के नाम से रजिस्ट्री की गई भूखंडों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही है. आर्थिक अपराध इकाई को भी मनोज यादव की अवैध आर्थिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया जा रहा है. आय से अधिक संपत्ति साबित होने पर प्रवर्तन निदेशालय को अनुशंसा भेजी जाएगी. पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि कासिम बाजार थानाध्यक्ष को इसके आर्थिक स्रोतों तथा अर्जित संपत्तियों की जानकारियां जुटाने का निर्देश दिया गया है तथा सारी जानकारियां सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई और ईडी को अग्रतर कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा.