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17-Nov-2021 06:53 AM
MUZAFFARPUR : बिहार पुलिस की लापरवाही का किस्सा आपने पहले भी सुना होगा। लेकिन अब मुजफ्फरपुर से जो नया मामला आया है वह आपको हैरत में डाल देगा। दरअसल मुजफ्फरपुर पुलिस की सुस्ती के कारण लूट के एक आरोपी को जमानत मिल गई। हद तो तब हो गई जब कोर्ट से आरोपी को जमानत मिलने के बाद पुलिस चार्जशीट लेकर कोर्ट पहुंची।
मामला मुज़फ्फरपुर के हथौड़ी थाने से जुड़ा है। पुलिस की लापरवाही से लूट के आरोपित हीरा मंडल को मंगलवार को कोर्ट से जमानत मिल गयी। मुज़फ्फरपुर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दीपक कुमार के कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी क्योंकि उसके खिलाफ पुलिस चार्जशीट दायर नहीं कर पाई। लूट की धारा 392 में 60 दिनों के अंदर जेल भेजे गए आरोपित के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट दायर कर देने का समय तय है। लेकिन इस दौरान चार्जशीट दायर नहीं होने पर सीआरपीसी की धारा 167 (2) का लाभ देकर आरोपित को मुक्त करने का कोर्ट आदेश जारी करता है। पुलिस की लापरवाही की हद तब हो गई, जब कोर्ट ने दोपहर दो बजे आरोपित की जमानत मंजूर कर ली और इसके एक घंटे बाद हथौड़ी थानाध्यक्ष चार्जशीट लेकर कोर्ट पहुंचे।
दरअसल हथौड़ी पुलिस ने बीते 12 अगस्त को परमजीवर जगशाला के पास से हीरा मंडल और उसके साथी सुनील कुमार को लोडेड पिस्टल और पांच किलो गांजा के साथ पकड़ा था। पुलिस ने जांच के क्रम में बीते साल एक मई को खानपुर स्टेट बोरिंग के पास व्यवसायी अंकित कुमार से 1.87 लाख रुपए लूट में हीरा मंडल का हाथ पाया। तब उसे लूट के केस में भी न्यायिक हिरासत में लेने के लिए पुलिस ने सितंबर में कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट में इस केस में हीरा मंडल न्यायिक हिरासत में था। न्यायिक हिरासत के आदेश से 60 दिन के भीतर पुलिस को उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर देनी थी। लेकिन सुस्त पुलिस 15 नवंबर तक चार्जशीट नहीं दायर कर सकी। इस वजह से 62वें दिन यानी मंगलवार को चार्जशीट नहीं होने के कारण कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। आरोपी की जमानत मंजूर होने के बाद जब पुलिस ने आनन-फानन में कोर्ट पहुंची और चार्जशीट दायर करने की बात कही लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।