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25-Feb-2025 09:22 AM
By First Bihar
बिहार में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। सचिवालय स्तरीय राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद की बैठक में उद्योग सचिव बंदना प्रेयसी की अध्यक्षता में 59.20 करोड़ रुपये के सात निवेश प्रस्तावों को स्टेज वन क्लियरेंस दिया गया है। इन सभी निवेश प्रस्तावों की राशि दो करोड़ से अधिक है, जिससे राज्य में आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी और नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में कई प्रमुख कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से मेसर्स वर्धन बिजनेस एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एसएमजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सूरज कोल्ड स्टोरेज, मेसर्स लखटकिया फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मेसर्स ऐशरा टेक्नोफैब इंजीनियर्स और मेसर्स एविटास फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों का निवेश मुख्य रूप से उद्योग, कृषि, स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है, जो बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को और मजबूत करेगा।
इसके अलावा, इस बैठक में तीन अन्य इकाइयों को वित्तीय क्लियरेंस भी दिया गया है, जिनकी संभावित लागत 20.70 करोड़ रुपये है। इससे बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और नए बिजनेस हब विकसित होने की संभावना बढ़ेगी।
बैठक में दो करोड़ रुपये से कम के 5.21 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भी स्टेज वन क्लियरेंस दिया गया है। यह कुल पांच परियोजनाएं हैं, जिनसे राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बढ़ावा मिलेगा। जिन निवेश प्रस्तावों को स्टेज वन क्लियरेंस और वित्तीय क्लियरेंस दिया गया है, उन्हें अब विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली अंतिम बैठक में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इस बैठक में उद्योग निदेशक निखिल धनराज निप्पानीकर, बिहार राज्य प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग, वाणिज्यकर विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, श्रम संसाधन विभाग और ऊर्जा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बिहार सरकार राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है।
बिहार सरकार के इस फैसले से राज्य में नए उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे नौकरी के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और निर्माण क्षेत्र में निवेश से बिहार का औद्योगिक परिदृश्य बदल सकता है।