1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Fri, 16 Jan 2026 06:23:34 PM IST
आंदोलन की फाइल तस्वीर - फ़ोटो Google
Patna News: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की नृशंस हत्या के बाद उबाल आ गया है. पटना पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आम से लेकर खास लोग मैदान में उतर गए हैं. सत्ताधारी दल के नेता भी पटना पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं. भाजपा कोटे से उच्च जाति के राज्य आयोग के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह ने भी सवाल खड़े किए हैं.
मैदान में उतरे महाचंद्र प्रसाद सिंह
महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पटना के गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या कोई साधारण घटना नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला गंभीर आपराधिक कृत्य से जुड़ा है। शरीर पर चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियाँ यह सवाल खड़े करती हैं कि शुरुआत में इस आपराधिक घटना को दबाने का प्रयास किया गया । यदि जांच में कहीं भी लापरवाही या सच्चाई छिपाने का प्रयास हुआ है, तो यह भी दंडनीय अपराध है।
पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा हो
उच्च जाति आयोग के अध्यक्ष ने सरकार से कहा है कि इस जघन्य घटना में शामिल दोषियों पर शख़्त से शख़्त कार्रवाई हो। कोई भी दोषी, चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाना चाहिए । पुलिस और प्रशासन की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है ।पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिले, यह सुनिश्चित हो । उन्होंने पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता। लड़की की हत्या का सच सामने आना चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार समयसीमा के भीतर सज़ा मिलनी चाहिए।