1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 16 Jan 2026 08:16:42 PM IST
दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना - फ़ोटो Google
World largest Shivling: बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना के लिए पूजा पंडाल और वीआईपी पंडाल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे, जिसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17 जनवरी को पूर्वाह्न 11:50 बजे मंदिर परिसर पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से शिवलिंग पर पुष्पवर्षा का दृश्य देखेंगे। इसके लिए विशेष हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। शिवलिंग की स्थापना के लिए 700 टन और 500 टन क्षमता वाली दो बड़ी क्रेन पहले ही स्थल पर पहुंच चुकी हैं।
शुक्रवार को इसको लेकर विशेष मॉक ड्रिल भी की गई। जानकारी के अनुसार शिवलिंग की स्थापना में लगभग दो घंटे का समय लगेगा। इस दौरान मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के बाद की थ्री-डी इमेज भी श्रद्धालुओं को दिखाई जाएगी। साथ ही एलईडी स्क्रीन पर सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीओ शिवानी शुभम ने बताया कि मंदिर परिसर की ओर जाने वाले 53 डिप्यूटेशन प्वाइंट और 40 कट्स की पहचान की गई है, जिन्हें बंद कर वहां पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से 16 जनवरी की शाम से 17 जनवरी तक सरकारी निर्देशों के अनुपालन में सहयोग की अपील की है। जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए चकिया गुमटी और राजपुर चौक से ई-रिक्शा का संचालन भी किया जाएगा।
बता दें कि विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला यह शिवलिंग दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा शिवलिंग होगा। इसकी ऊंचाई 33 फीट, चौड़ाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है। यह शिवलिंग ग्रेनाइट पत्थर से बना है, जिसकी लागत करीब तीन करोड़ रुपये है। इसका निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में पिछले दस वर्षों से किया जा रहा था। शिवलिंग को 96 चक्का वाले विशेष ट्रक के माध्यम से सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है।
वहीं विराट रामायण मंदिर की कुल लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। मंदिर में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर बनाए जाएंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई क्रमशः 180 फीट, 135 फीट, 108 फीट और 90 फीट निर्धारित की गई है। मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग और गर्भगृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है।