1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 16 Jan 2026 06:19:36 PM IST
दूर होगी जमीन से जुड़ी हर समस्या! - फ़ोटो Google
Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन को और अधिक लोक उपयोगी, प्रभावशाली एवं जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य के सभी राजस्व पदाधिकारी सप्ताह के दो कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों की शिकायतें सुनेंगे। यह व्यवस्था 19 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी।
यह निर्णय माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लिए गए सात निश्चय-3 (2025–2030) के अंतर्गत स्तंभ-7 सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living) के निर्णय को लागू करने के लिए लिया गया है। इस स्तंभ के तहत आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने पर विशेष बल दिया गया है।
राजस्व प्रशासन से जुड़ी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा द्वारा ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत पटना जिले से की गई थी। इसके बाद लखीसराय, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया एवं भागलपुर में जनकल्याण संवाद आयोजित किए गए, जिनमें आम लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। इन संवादों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर राजस्व प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता महसूस की गई।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी राजस्व कार्यालयों में आमजनों के साथ सम्मानपूर्ण एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यालय परिसरों में पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य होगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर से अलग से आवंटन भेजे जाने की भी व्यवस्था की जा रही है। आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का डिजिटल संधारण अनिवार्य किया गया है, ताकि उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए सुगम एवं पारदर्शी प्रणाली विकसित की जा सके। इससे शिकायतों की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
निर्देश के अनुसार, प्रमंडलीय आयुक्त अपने-अपने प्रमंडलों में तथा समाहर्ता अपने जिले में राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे। उनका मुख्य दायित्व होगा कि राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम किया जाए और जीवन स्तर में सुधार हो। राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है, जिससे राजस्व विभाग आम नागरिकों के और अधिक करीब आएगा और जनविश्वास को मजबूती मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजस्व प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य जन-सुनवाई, शिकायतों का डिजिटल संधारण तथा कार्यालयों में नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता से व्यवस्था और अधिक जवाबदेह बनेगी। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए हमारा लक्ष्य है कि राजस्व से जुड़ी हर सेवा समयबद्ध हो और आम लोगों का विश्वास और मजबूत हो।