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27-Jan-2026 02:36 PM
By First Bihar
Bihar Cabinet Approval : बिहार में सड़कों की हालत सुधारने और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी और दूरगामी योजना तैयार की है। अगले सात वर्षों के लिए प्रदेश की कुल 19,327 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव पर करीब 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव लोक वित्त कमेटी के पास पहुंच चुका है। लोक वित्त कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद इस नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी को कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
यह राज्य की तीसरी रोड मेंटेनेंस पॉलिसी होगी, लेकिन इसे पहले की नीतियों से कहीं अधिक आधुनिक, तेज और तकनीक आधारित बनाया गया है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य सड़कों के रखरखाव में होने वाली देरी को खत्म करना और आम लोगों को गड्ढामुक्त, सुरक्षित सड़कें उपलब्ध कराना है।
गड्ढों की मरम्मत में नहीं होगी देरी
अब तक सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत के लिए प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य होती थी, जिससे अक्सर काम में अनावश्यक देरी हो जाती थी। नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। नई नीति के तहत सड़क पर गड्ढा दिखते ही संबंधित कंपनी को बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के उसे तुरंत दुरुस्त करना होगा। इससे रिस्पॉन्स टाइम काफी कम होगा और मानसून या भारी ट्रैफिक के दौरान सड़कों की हालत बिगड़ने से रोकी जा सकेगी।
100 पैकेजों में होगी निविदा
नई पॉलिसी के तहत सड़कों के रखरखाव के लिए कुल 100 पैकेज बनाए गए हैं। ये पैकेज अलग-अलग रोड डिवीजन के आधार पर तैयार किए गए हैं। प्रत्येक पैकेज के लिए अलग-अलग निविदा निकाली जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू होगी और चयनित कंपनियों को सात वर्षों तक सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
एआई और मशीन लर्निंग से होगी रियल टाइम निगरानी
इस नीति की सबसे बड़ी खासियत इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का उपयोग है। सड़कों की निगरानी के लिए विशेष एआई और मशीन लर्निंग से लैस वाहन पूरे राज्य में भ्रमण करेंगे। ये वाहन सड़कों की स्थिति की तस्वीरें और डेटा एकत्र कर मुख्यालय स्तर पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को रियल टाइम में भेजेंगे। इस तकनीक के जरिए सड़क पर दरार, गड्ढे या अन्य क्षति की तुरंत पहचान हो सकेगी और संबंधित कंपनी को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए जा सकेंगे। इससे निगरानी प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
पुलों के रखरखाव की भी व्यवस्था
नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में केवल सड़कों ही नहीं, बल्कि राज्य उच्च पथों पर बने छोटे पुलों के रखरखाव को भी शामिल किया गया है। जिन पुलों की लंबाई छह मीटर तक है, उनका रखरखाव भी उसी कंपनी के जिम्मे होगा जो उस क्षेत्र की सड़कों की देखरेख करेगी। वहीं, यदि किसी पुल की लंबाई छह मीटर से अधिक है, तो उसके एप्रोच रोड का रखरखाव इस नीति के तहत किया जाएगा।
सड़कों की गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकार का मानना है कि इस नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के लागू होने से बिहार की सड़कों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा। समय पर मरम्मत, आधुनिक तकनीक से निगरानी और जवाबदेही तय होने से आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें मिलेंगी। साथ ही, लंबी अवधि की इस योजना से सड़क नेटवर्क को टिकाऊ और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
Bihar Cabinet Approval : बिहार में सड़कों की हालत सुधारने और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी और दूरगामी योजना तैयार की है। अगले सात वर्षों के लिए प्रदेश की कुल 19,327 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव पर करीब 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव लोक वित्त कमेटी के पास पहुंच चुका है। लोक वित्त कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद इस नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी को कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
यह राज्य की तीसरी रोड मेंटेनेंस पॉलिसी होगी, लेकिन इसे पहले की नीतियों से कहीं अधिक आधुनिक, तेज और तकनीक आधारित बनाया गया है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य सड़कों के रखरखाव में होने वाली देरी को खत्म करना और आम लोगों को गड्ढामुक्त, सुरक्षित सड़कें उपलब्ध कराना है।
गड्ढों की मरम्मत में नहीं होगी देरी
अब तक सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत के लिए प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य होती थी, जिससे अक्सर काम में अनावश्यक देरी हो जाती थी। नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। नई नीति के तहत सड़क पर गड्ढा दिखते ही संबंधित कंपनी को बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के उसे तुरंत दुरुस्त करना होगा। इससे रिस्पॉन्स टाइम काफी कम होगा और मानसून या भारी ट्रैफिक के दौरान सड़कों की हालत बिगड़ने से रोकी जा सकेगी।
100 पैकेजों में होगी निविदा
नई पॉलिसी के तहत सड़कों के रखरखाव के लिए कुल 100 पैकेज बनाए गए हैं। ये पैकेज अलग-अलग रोड डिवीजन के आधार पर तैयार किए गए हैं। प्रत्येक पैकेज के लिए अलग-अलग निविदा निकाली जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू होगी और चयनित कंपनियों को सात वर्षों तक सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
एआई और मशीन लर्निंग से होगी रियल टाइम निगरानी
इस नीति की सबसे बड़ी खासियत इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का उपयोग है। सड़कों की निगरानी के लिए विशेष एआई और मशीन लर्निंग से लैस वाहन पूरे राज्य में भ्रमण करेंगे। ये वाहन सड़कों की स्थिति की तस्वीरें और डेटा एकत्र कर मुख्यालय स्तर पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को रियल टाइम में भेजेंगे। इस तकनीक के जरिए सड़क पर दरार, गड्ढे या अन्य क्षति की तुरंत पहचान हो सकेगी और संबंधित कंपनी को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए जा सकेंगे। इससे निगरानी प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
पुलों के रखरखाव की भी व्यवस्था
नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी में केवल सड़कों ही नहीं, बल्कि राज्य उच्च पथों पर बने छोटे पुलों के रखरखाव को भी शामिल किया गया है। जिन पुलों की लंबाई छह मीटर तक है, उनका रखरखाव भी उसी कंपनी के जिम्मे होगा जो उस क्षेत्र की सड़कों की देखरेख करेगी। वहीं, यदि किसी पुल की लंबाई छह मीटर से अधिक है, तो उसके एप्रोच रोड का रखरखाव इस नीति के तहत किया जाएगा।
सड़कों की गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकार का मानना है कि इस नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के लागू होने से बिहार की सड़कों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा। समय पर मरम्मत, आधुनिक तकनीक से निगरानी और जवाबदेही तय होने से आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें मिलेंगी। साथ ही, लंबी अवधि की इस योजना से सड़क नेटवर्क को टिकाऊ और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।