Bihar police : बिहार के इस जिले में दो SHO हुए सस्पेंड, SSP कांतेश कुमार मिश्रा की बड़ी कार्रवाई; लापरवाही पर गिरी गाज Bihar River: विजय सिन्हा के दावों की खुली पोल ! ट्रकों से नहीं हाईवा से धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन; DM ने जांच का दिया आदेश Bihar Police : वर्दी का सपना होगा पूरा! बिहार पुलिस SI भर्ती 2026 का सुनहरा मौका, जानें आवेदन की आखिरी तारीख Bihar Budget Session 2026 : विधानसभा में आज बजट पर बोलेंगे तेजस्वी यादव, NEET छात्रा मौत को लेकर कानून व्यवस्था पर विपक्ष उठाएगा सवाल Bihar Cabinet Meeting : Bihar Cabinet Meeting: आज होगी सीएम नीतीश की अहम कैबिनेट बैठक, सदन की कार्यवाही के बाद बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर Bihar Vigilance : हिरासत में लिए गए ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर, घर से मिली मिली अकूत संपत्ति Rajgir Cricket Stadium : राजगीर में बना बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, इस साल से ipl मैचों की उम्मीद Bihar weather update :बिहार में बदला मौसम का मिजाज: बारिश, घना कोहरा और बढ़ता AQI, अलर्ट जारी मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा
27-Feb-2025 07:42 PM
By Viveka Nand
Bihar cabinet expantion: बिहार के लोग करीब डेढ़ साल पहले गंगा नदी पर बन रहे अगुवानी घाट पुल का हश्र भूले नहीं होंगे. 4 जून 2023 को भागलपुर के सुल्तानगंज से खगड़िया के अगुवानी घाट के बीच गंगा नदी पर बन रहा पुल रेत की दीवार की तरह ढ़ह गया था. पुल के गिरने का वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हुआ था, जिससे बिहार की फजीहत हो गयी थी. इस पुल की ठेकेदारी एसपी सिंगला कंपनी को मिली हुई थी. पिछले एक साल से बिहार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री सिंगला कंपनी के कारनामों और उसमें विभाग के अधिकारियों की भूमिका से संबंधित फाइल मांग रहे थे. तीन दिन पहले एसपी सिंगला कंपनी की फाइल पथ निर्माण विभाग में पहुंची. मंत्री को फाइल देख कर कार्रवाई पर फैसला लेना था, लेकिन तीन दिन के अंदर विभाग के मंत्री को ही बदल दिया गया.
पथ निर्माण मंत्री क्यों बदले गये?
एक दिन पहले बीजेपी ने बिहार सरकार में अपने 7 नये मंत्री बनाये हैं. मंत्रियों के बीच विभाग का बंटवारा हुआ. इसमें पहले से विभागों का जिम्मा संभाल रहे सिर्फ दो मंत्री का विभाग बदला गया. डिप्टी सीएम और पथ निर्माण विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा को पथ निर्माण विभाग से बेदखल कर दिया. विजय कुमार सिन्हा कृषि विभाग के मंत्री बना दिये गये हैं. नितीन नवीन का पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया गया है.
नये मंत्रियों को एडजस्ट करने के लिए बीजेपी ने अलग फार्मूला निकाला था. पहले से बीजेपी के कुछ मंत्रियों के पास दो-दो विभाग थे. उनसे एक विभाग लेकर नये मंत्रियों को देने का फार्मूला बना. ऐसे में स्वास्थ्य औऱ कृषि विभाग के मंत्री मंगल पांडेय से कृषि विभाग वापस लिया गया. सहकारिता औऱ वन-पर्यावरण का काम देख रहे प्रेम कुमार से वन-पर्यावरण वापस लिया गया. लेकिन पुराने मंत्रियों में सिर्फ विजय सिन्हा ऐसे मंत्री थे जो डिप्टी सीएम होने के बावजूद नगर विकास विभाग से बेदखल कर दिये गये.
एसपी सिंगला का कितना रसूख
बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग में ये चर्चा जोर-शोर से हो रही है. ये संयोग है या सोची-समझी प्लानिंग है? तीन दिन पहले पथ निर्माण विभाग में अगुवानी घाट मामले में एसपी सिंगला की करतूतों की फाइल पहुंची थी. पथ निर्माण विभाग के सूत्र बताते हैं कि फाइल में चौंकाने वाली बातें दर्ज हैं. चर्चा ये है कि चौंकाने वाली बातें शायद अब फाइलों में ही दफन हो जायें.
एक साल से फाइल मांग रहे थे मंत्री
पथ निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अगुवानी घाट-सुल्तानगंज गंगा पुल के ठेके से संबंधित फाइल विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक साल से मांग रहे थे. ये वो पुल है जो बनने के दौरान तीन बार गिरा. फिर भी ठेकेदार एसपी सिंगला का बाल बांका तक नहीं हुआ. 4 जून 2023 को जब पुल रेत की दीवार की तरह ढ़ह गया तो भी एसपी सिंगला के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई.
विजय कुमार सिन्हा ने जनवरी 2024 में पथ निर्माण विभाग के मंत्री का पद संभाला था. वे उस समय से एसपी सिंगला की फाइल मांग रहे थे. लेकिन फाइल उनके पास पहुंच नहीं रही थी. एक अधिकारी ने बताया कि फाइल नहीं पहुंचने के पीछे बड़ा कारण था. एसपी सिंगला द्वारा बनाया जा रहा गंगा नदी पुल जब पहली बार गिरा था तो विभाग ने फैसला लिया था कि ठेकेदार को पेमेंट नहीं किया जायेगा. लेकिन इसके बावजूद एसपी सिंगला को पेमेंट किया जा रहा था.
कोर्ट में भी हो गया खेल!
पथ निर्माण विभाग के अधिकारी बताते हैं कि देश के किसी राज्य में ऐसा खेल पहली बार हुआ होगा कि कोई पुल ध्वस्त हो गया औऱ ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुल ढ़हने के बाद मामला पटना हाईकोर्ट में गया था. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ठेकेदार एसपी सिंगला कंपनी ने कहा कि वह अपने खर्च पर पुल को फिर से बना देगा और राज्य सरकार इस पर मान गयी. ये ऐसा ही उदाहरण हुआ कि किसी इंसान को गोली मारने के बाद अपराधी ये कहे कि मैं इसका इलाज करा दूंगा और उसे बरी कर दिया जायेगा.
पूरे खेल को समझिये
एसपी सिंगला की जड़े बिहार में कितनी मजबूत है, इसे भी समझना होगा. एसपी सिंगला कंपनी बिहार में कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. जानकार बताते हैं कि उसके पास कम से कम पांच हजार करोड़ का काम है, जिसमें अगुवानी घाट-सुल्तानगंज पुल भी शामिल है. अगर राज्य सरकार उसे अगुवानी घाट पुल मामले में नियमों के मुताबिक ब्लैक लिस्टेड कर देती तो उसके सारे काम बंद हो जाते. तभी एक पुल ढ़ह गया और ठेकेदार को इस शर्त पर छोड़ दिया गया कि वह पुल को फिर से बना देगा.
एसपी सिंगला की पकड़ का एक और उदाहरण जानिये. इस कंपनी ने बिहार में अपने काम को देखने के लिए सुरेश सिंगला नाम के व्यक्ति को रखा हुआ था. ये वही सुरेश सिंगला है जिसे ईडी ने कुछ महीने पहले जेल भेजा है. ईडी की जांच में ये पता चला है कि सुरेश सिंगला ने बिहार के बहुचर्चित आईएएस अधिकारी संजीव हंस के मोटे ब्लैक मनी को खपाया. ईडी के मुताबिक संजीव हंस के ब्लैक मनी को खपाने सिंगला अपने कई रिश्तेदारों के साथ लगा हुआ था.
ईडी की जांच में ये सामने आया है कि सुरेश सिंगला नाम का व्यक्ति आईएएस संजीव हंस से तब संपर्क में आया था जब संजीव हंस बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के एमडी हुआ करते थे. इसी पुल निर्माण की ओऱ से एसपी सिंगला कंपनी को बिहार में बड़ा काम दिया गया. बिहार के सत्ता के गलियारे में रहने वाले जानते हैं कि सूबे के कम से कम चार बड़े आईएएस अधिकारियों के पास सुरेश सिंगला का लगभग हर रोज आना-जाना था. सरकार में बड़ा कद रखने वाले दो मंत्रियों के पास भी सुरेश सिंगला का नियमित आना जाना था. शायद इसका का ही असर था कि एसपी सिंगला कंपनी के खिलाफ बिहार सरकार ने कभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की.
क्या विजय सिन्हा इसके कारण ही बने बलि का बकरा
पथ निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एसपी सिंगला कंपनी ने बिहार में जब से काम करना शुरू किया तब से विजय सिन्हा एक मात्र ऐसे पथ निर्माण मंत्री रहे, जिनसे सिंगला कंपनी का तालमेल नहीं बैठा. दूसरे मंत्रियों से विपरीत विजय कुमार सिन्हा बार-बार एसपी सिंगला कंपनी के पूरे कारनामों की फाइल मांग रहे थे.
इसमें दिलचस्प बात ये भी है कि एसपी सिंगला ने हाईकोर्ट में अगुवानी घाट-सुल्तानगंज पुल को अपने पैसे से फिर से बनाने की बात कह कर अपने खिलाफ मामला तो खत्म करा लिया था. लेकिन इस पुल का निर्माण अब तक शुरू नहीं कराया था. विजय कुमार सिन्हा इस मामले में भी बार-बार कार्रवाई की घोषणा कर रहे थे. लेकिन कार्रवाई करने से पहले ही उन्हें विभाग से विदा करा दिया गया.