ब्रेकिंग न्यूज़

मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार गोपालगंज पुलिस ने पशु तस्कर गिरोह का किया भंडाफोड़, सात गिरफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर

Home / bihar / NMCH में जूनियर डॉक्टर देर रात काम पर लौटे, 5 दिन के अंदर...

NMCH में जूनियर डॉक्टर देर रात काम पर लौटे, 5 दिन के अंदर दूसरी बार की थी स्ट्राइक

29-Apr-2021 07:42 AM

PATNA : मरीज के परिजनों की तरफ से दुर्व्यवहार की घटना के बाद हड़ताल पर गए एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर बुधवार की देर रात काम पर लौट आए। जूनियर डॉक्टर 5 दिन के अंदर दूसरी बार हड़ताल पर चले गए थे। बुधवार की सुबह 4 बजे से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू हुई थी और तकरीबन 19 घंटे बाद यह काम पर वापस लौटे। 


एनएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण बुधवार को स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित रही। पटना के एकमात्र कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। जूनियर डॉक्टर काफी समझाने बुझाने के बाद तकरीबन 1 बजे रात में काम पर वापस लौटे। आज अपनी मांगों के साथ वह स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत से मुलाकात करेंगे। इसके बाद जूनियर डॉक्टर अगली रणनीति का खुलासा करने वाले हैं। 


आपको बता दें कि बुधवार को एक महिला कोरोना मरीज की मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया था। जिसके बाद नाराज जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। बुधवार को कोरोना के मामले पर सुनवाई के दौरान एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल का मामला भी उठा था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के वकीलों से कहा था कि आप हाथ जोड़ें या पांव पकड़े लेकिन डॉक्टरों को हड़ताल पर नहीं जाने दें।