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06-Sep-2025 09:06 AM
By First Bihar
Mahila Rojgar Yojana: बिहार में महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को इस योजना की गाइडलाइन जारी करेंगे, जिसके बाद आवेदन और अन्य प्रक्रियाएँ शुरू हो जाएँगी। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने प्रेस रिलीज के माध्यम से बताया कि इस योजना के तहत हर परिवार से एक महिला को 10,000 रुपये की पहली किस्त सितंबर में ही उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद, व्यवसाय की प्रगति के आधार पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएँ की गई हैं। शहरी क्षेत्र की महिलाएँ ऑनलाइन आवेदन करेंगी, जिसके लिए बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका) द्वारा एक विशेष वेब पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल पर आधार नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन होगा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ ऑफलाइन आवेदन करेंगी, जहाँ जीविका के संकुल स्तरीय संघों के पास आवेदन पत्र जमा होंगे। ग्राम संगठन स्तर पर विशेष बैठकों में पात्र महिलाओं से फॉर्म लिए जाएँगे और प्रखंड परियोजना इकाई इन आवेदनों को एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करेगी। जिला स्तर पर जाँच पूरी होने के बाद राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस योजना से न केवल महिलाओं के परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जीविका के तहत बिहार में 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित हो चुके हैं, जिनमें 1.40 करोड़ से अधिक महिलाएँ जुड़ी हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत पात्रता के लिए महिलाओं का बिहार का मूल निवासी होना, 18 से 60 वर्ष की आयु और जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र और व्यवसाय योजना शामिल हैं।
ग्रामीण विकास विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है कि 15 सितंबर से पहली किस्त का वितरण शुरू हो जाए। इस योजना को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो 2.7 करोड़ परिवारों की एक-एक महिला को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। योजना के तहत महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी बल्कि व्यवसाय शुरू करने, प्रबंधन और तकनीकी कौशल के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गाँव से शहर तक विशेष हाट-बाजार स्थापित किए जाएँगे, जहाँ महिलाएँ अपने उत्पाद बेच सकेंगी।