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16-May-2021 06:43 PM
By Vyom Dipansh
NALANDA : कोरोना महामारी से बिहार में त्राहिमाम मचा है. मरीजों की संख्या कम हुई है लेकिन मौत से हाहाकार मचा है. लेकिन हैरानी की बात है कि इस त्रासदी में किसी को दो गज जमीन तो किसी को कफन भी नसीब नहीं हो रहा. ताजा मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा का है, जहां मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है. दरअसल एक कोरोना मरीज की मौत के बाद उसकी लाश को कूड़ा-कचरा ढोने वाले ठेले पर लादकर शमशान घाट ले जाते हुए देखा गया.
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा के मुख्यालय की है. बिहार शरीफ की इस घटना ने सबको विचलित कर दिया है. इस घटना के पीछे जो कहानी है, वो और भी ज्यादा हैरान करने वाली है. बताया जा रहा है कि वार्ड संख्या 8 के वार्ड पार्षद सुशील कुमार उर्फ मिट्ठू ने अंत्योष्टि के 16 हजार 500 रुपये पचा लिया. जिसके कारण इसकी डेड बॉडी को कूड़ा-कचरा ढोने वाले ठेले पर लादकर शमशान घाट ले जाया गया.

गौरतलब हो कि बिहार सरकार ने एलान किया है कि अगर किसी व्यक्ति की मौत कोरोना से होती है तो सरकार उसकी अंत्योष्टि के लिए पैसे देगी. बिहार सरकार की ओर से ही उसके अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया जायेगा. सरकार ने नीतीश कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया था लेकिन इसका पोल सीएम के गृह जिले में खुल रहा है.
इस घटना को लेकर जलालपुर सेवा समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर नालंदा के डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है. साथ ही नाजायज वसूली गई राशि और सरकारी सहायता को मृतक की पत्नी और मां को देने की मांग की है. दरअसल जलालपुर मोहल्ले के मनोज कुमार की मौत कोरोना से हो गई थी. उसके बाद मोहल्ले वासियों ने वार्ड पार्षद को बुलाया वार्ड पार्षद ने बताया कि नगर निगम ने कमेटी का गठन किया है. उसमें निर्णय लिया है कि किसी की भी मौत होती है तो उसे उठाने के लिए 22 हजार नगर निगम लेगा, जब लोगों ने अनुरोध किया तब जाकर वार्ड पार्षद सुशील कुमार उर्फ मिठू ने 16 हजार 500 शव उठाने के एवज में ले लिया और कूड़ा ढूंढने वाले नगर निगम के ठेले पर दो सफाई कर्मी के साथ शव को शमशान भेज दिया.
इधर दूसरी तरफ बिहार शरीफ नगर निगम की उप महापौर शर्मीली परवीन का कहना है कि निगम के द्वारा इस प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया गया. निगम की जिम्मेदारी शव का संस्कार करवाना है. इस दायित्व को निगम बखूबी निभा रहा है.

