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25-Aug-2025 08:53 AM
By First Bihar
Bihar News: पटना जिले के धनरुआ प्रखंड में लगातार चार दिनों की बारिश के बाद बाढ़ ने जमकर कहर बरपाया है। फल्गु, कररुआ, भूतही, बलदाही और लोकाईन नदियों के उफान पर आने से 24 से अधिक गांवों में पानी घुस गया है, जिससे 1600 एकड़ धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। विजयपुरा पंचायत के चार गांव पूरी तरह जलमग्न हैं, जहां लोगों का घर से निकलना और मवेशियों के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो गया है। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और मोकामा के हाथीदह घाट पर खतरा मंडरा रहा है।
शनिवार रात फल्गु नदी में उफान के कारण कररुआ और भूतही नदियों का पानी अरमल से चकरमल के बीच छह जगहों पर गांवों में घुस गया। आतापुर के पास तटबंध टूटने से बहरामपुर, विजयपुरा, पेड़ा और छाती पंचायत के अमरपुरा, सिमहारी, पिपरामा, नसरतपुर और रसलपुर जैसे गांव प्रभावित हुए। स्थानीय सर्किल ऑफिसर ने तटबंध की मरम्मत शुरू कराई, लेकिन पानी ने कई सड़कों को डुबो दिया, जिससे आवागमन ठप हो गया। किसानों ने बताया कि दूसरी बार रोपी गई धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
पटना में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से 1-3 मीटर नीचे है। दीघा घाट पर जलस्तर 50.45 मीटर और गांधी घाट पर 49.57 मीटर तक पहुंच गया है जो खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अंचलाधिकारियों ने दनियावां के जीवनचक और चकराजा के पास महतमाईन नदी के जमींदारी बांध की मरम्मत शुरू कर दी है। फतुहा में भी क्षतिग्रस्त बांध को ठीक किया जा रहा है। पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने राहत कार्यों को तेज करने और प्रभावित गांवों में नावों की तैनाती का निर्देश दिया है। धनरुआ में 29 नावें तैनात की गई हैं, जिनमें मनेर में 10 और नकटा दियारा में 15 शामिल हैं।
बहरामपुर और छाती पंचायत के मुखियाओं ने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने 8 राहत शिविर शुरू किए हैं, जहां 3,950 लोग शरण ले रहे हैं और 329 सामुदायिक रसोईघरों के जरिए 1.28 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 82,000 पॉलिथीन शीट्स और 3,500 सूखे राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने प्रभावित जिलों के अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत कार्यों को और तेज करने का आदेश दिया है।