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05-Sep-2025 08:34 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में आगामी त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने अच्छे से कमर कस ली है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट जारी करते हुए 8000 से अधिक प्रशिक्षु सिपाहियों की तैनाती का ऐलान किया है ताकि कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज दराद ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 5 सितंबर को मिलाद उल नबी और 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और विसर्जन के लिए भी सतर्कता बरती जाएगी।
खासकर विसर्जन जुलूसों को लेकर विशेष सावधानियां बरती जा रही हैं। सभी जुलूस पुलिस एस्कॉर्ट में निकाले जाएंगे और डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बिना लाइसेंस के कोई जुलूस की अनुमति नहीं मिलेगी, जबकि संवेदनशीन जुलूसों की पूरी वीडियोग्राफी होगी। जुलूस के मार्गों पर पड़ने वाले अन्य समुदायों के धार्मिक स्थलों पर दंडाधिकारी और बल तैनात किया गया है।
असामाजिक तत्वों से बांड भरवाने की भी कार्रवाई चल रही है ताकि कोई हादसा न हो। पटना समेत सभी जिलों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है और 8025 प्रशिक्षु सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह इंतजाम मिलाद उल नबी के जुलूसों और गणेश विसर्जन के लिए खासतौर पर हैं, जहां भीड़ अधिक होने की आशंका है। पुलिस का फोकस शांतिपूर्ण आयोजन पर है और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गया में पितृपक्ष मेला के लिए भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 6 से 21 सितंबर तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा 395 पुलिस पदाधिकारी, 1600 हवलदार व सिपाही और 800 गृहरक्षक तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, 5 कंपनियां बीएसएफ, 1 कंपनी दंगा रोधी दल, 2 ट्रूप अश्वारोही बल और 2 आंसू गैस दस्ते लगाए गए हैं।
पटना जिले को भी बीएसएफ की एक अतिरिक्त कंपनी, 20 पदाधिकारी और 100 गृहरक्षक दिए गए हैं। पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण के लिए लाखों श्रद्धालु गया पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष जोर है। एडीजी दराद ने कहा कि मेला क्षेत्र में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी, और चंद्र ग्रहण (7 सितंबर) के साथ पितृपक्ष की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए इंतजाम चाक-चौबंद हैं।
कुल मिलाकर, बिहार पुलिस का यह सतर्क रुख त्योहारों को शांतिपूर्ण बनाने में सहायक साबित होगा। मिलाद उल नबी पर जुलूसों की अनुमति सीमित रखी गई है, जबकि गणेश विसर्जन और विश्वकर्मा पूजा के लिए रूट मैप पहले से तय हैं। इंटरनेट मीडिया पर फेक न्यूज या भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई होगी। राज्य के लोग इन त्योहारों को धूमधाम से मना सकेंगे, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।